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भिवाड़ी में AQI 333 पार, अलवर-नीमराणा में भी हवा हुई ‘बहुत खराब’

अलवर जिले में दीपावली से पहले ही वायु प्रदूषण (Air Pollution) का असर दिखने लगा है। भिवाड़ी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 333 पर पहुंच गया है, जबकि अलवर में यह 201 रहा। बहरोड़ और नीमराना में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 6 Nov 2026, 11:31 AM IST

alwar bhiwadi aqi

अलवर-भिवाड़ी में बढ़ा वायु प्रदूषण (फोटो - पत्रिका)

अलवर. दीपावली (Diwali) का त्योहार नजदीक आते ही जिले की आबोहवा बिगड़ने लगी है। प्रदूषण (Pollution) के बढ़ते स्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को जिले के अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिला। भिवाड़ी सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां एक्यूआई 333 दर्ज किया गया। वहीं नीमराना में 292, बहरोड़ में 257 और अलवर शहर में 201 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।

भिवाड़ी की हवा सबसे ज्यादा खराब

जिले में भिवाड़ी की हवा सबसे ज्यादा खराब स्थिति में है। यहां एक्यूआई 333 तक पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। नीमराना में 292 और बहरोड़ में 257 एक्यूआई दर्ज किया गया। अलवर शहर का एक्यूआई 201 रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या ज्यादा गंभीर होती जा रही है।

अलवर शहर में सुबह से ही आसमान में धुंध (Smog) की परत नजर आई। दोपहर तक सूर्य की रोशनी भी धुंधली दिखाई दी। सामान्य दिनों की तुलना में वातावरण में धूल और धुएं का असर साफ महसूस किया गया। सुबह और शाम के समय हल्की सर्दी का अहसास भी होने लगा है।

धूल और वाहनों का धुआं बढ़ा रहा प्रदूषण

शहरों में सड़कों पर उड़ती धूल, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन (Vehicle Emissions) हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। खासकर भिवाड़ी और नीमराना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण बड़ी चुनौती बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-2) की पाबंदियां लागू होने के बावजूद इनके प्रभावी तरीके से पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रदूषण कम करने के लिए नियम बनाए गए हैं, लेकिन जमीन पर इनका कितना असर हो रहा है, यह बढ़ते एक्यूआई के आंकड़ों से समझा जा सकता है।

आतिशबाजी से और बिगड़ सकती है हवा

दीपावली के दौरान आतिशबाजी (Firecrackers) होने से प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और हानिकारक कण पहले से प्रदूषित हवा को और खराब कर सकते हैं। ऐसे में त्योहार के आसपास वायु गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी होगा।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अलवर में सुबह और शाम हल्की सर्दी का असर बढ़ने लगा है। तापमान में गिरावट और हवा की स्थिति में बदलाव के बीच प्रदूषण का स्तर आने वाले दिनों में किस तरह रहता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।