
अलवर नगर निगम चुनाव में मतदान से एक दिन पहले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने अंतिम दौर की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव की ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पत्रिका अलग -अलग जगहों पर पहुंचा। सुबह से शुरू हुआ घर-घर संपर्क देर रात तक चलता रहा। प्रत्याशी खुद मतदाताओं से मिले, जबकि कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टोलियां अपने क्षेत्रों में संपर्क करती रहीं। अंतिम समय में वोटरों को मतदान के लिए मनाने से लेकर बूथ की व्यवस्था तक पर फोकस रहा।
चुनाव कार्यालयों में भी दिनभर चहल-पहल रही। कहीं वोटर लिस्ट की जांच की गई तो कहीं मतदान पर्चियां तैयार कर घरों तक पहुंचाई गईं। बूथ पर बैठने वाले कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करने और उनकी ड्यूटी तय करने का काम भी देर रात तक चलता रहा। मतदान के दिन मतदाताओं को केंद्र तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई।
शहर के अलग-अलग वार्डों में प्रत्याशियों के कार्यालयों पर कार्यकर्ता अंतिम रणनीति बनाने में जुटे रहे। रेलवे स्टेशन क्षेत्र के वार्ड 49 में निर्दलीय प्रत्याशी के कार्यालय पर युवाओं की टीम वोटर लिस्ट की जांच करती नजर आई। एक-एक मतदाता का नाम और बूथ देखा जा रहा था, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।
आर्य नगर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में महिलाओं की टीम घर-घर संपर्क कर रही थी। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के कार्यालय पर सोशल मीडिया टीम अंतिम दौर के प्रचार और संपर्क में सक्रिय रही। इस दौरान जेन-जी के युवा कार्यकर्ता भी घर-घर पहुंचने के साथ वोटर लिस्ट खंगालने और फोन पर संपर्क करने में जुटे रहे।
प्रत्याशियों की रणनीति सिर्फ शहर में मौजूद मतदाताओं तक सीमित नहीं रही। कार्यकर्ताओं ने जयपुर, दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों में रहने वाले अलवर के मतदाताओं से फोन पर संपर्क किया। उन्हें मतदान के लिए अलवर आने का आग्रह किया गया। कई जगह उनके परिजनों के जरिए भी संपर्क साधा गया।
स्कीम नंबर 10 में भाजपा प्रत्याशी के कार्यालय पर कार्यकर्ता मतदान पर्चियों का वोटर लिस्ट से मिलान करते दिखे। मुंशी बाग में बूथ पर बैठने वाले कार्यकर्ताओं के नाम तय किए जा रहे थे। वार्ड 20 में भाजपा और कांग्रेस दोनों के कार्यालयों में बूथ व्यवस्था, कार्यकर्ताओं की ड्यूटी और मतदाताओं की मदद को लेकर अंतिम रणनीति बनाई गई। प्रत्याशियों की कोशिश अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की रही।