
representative picture
अलवर में वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीमों ने कर अपवंचना और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों में दो प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। विभाग की कार्रवाई में एक तेल कारोबारी के यहां करीब 30 लाख रुपए और एक अन्य प्रोडक्ट निर्माता फर्म के यहां करीब 12 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई। दूसरे मामले में फर्म ने जांच के दौरान 10 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा कराए।
विभाग के अनुसार अलवर स्थित एक तेल कारोबारी के प्रतिष्ठान का 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 30 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई। यह मामला 15 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना के दौरान स्टॉक और उससे संबंधित आईटीसी के नुकसान से जुड़ा है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान में एक अन्य कंपनी के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है। आग लगने के समय परिसर में मौजूद स्टॉक इसी फर्म का बताया गया। टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके पर पंचनामा तैयार किया। मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को 11 सितंबर को विभाग के समक्ष उपस्थित होने का समन जारी किया गया है।
इसी तरह एक अन्य फर्म के प्रतिष्ठान का 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में ब्लॉक आईटीसी का दावा किए जाने की संभावना सामने आई। विभाग ने इस मामले में करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि निर्धारित की। कार्रवाई के दौरान फर्म ने 10 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा किए। टीम ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।
वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीमों ने हालिया कार्रवाई के दौरान जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में भी विभिन्न कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें ट्रैवल्स एंड कार्गो, तेल कारोबारी, स्टोन क्रशर और टिम्बर कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं।
विभाग के मुताबिक इन कार्रवाई में कुल करीब 1.93 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। संबंधित मामलों में करदाताओं की ओर से 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा या रिवर्स की गई है। वहीं, कुछ मामलों में जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त कर विस्तृत जांच शुरू की गई है। विभाग की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य कर चोरी और गलत तरीके से लिए जा रहे आईटीसी पर रोक लगाना है।
Updated on:
08 Sept 2026 11:54 am
Published on:
08 Sept 2026 11:54 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
