
अलवर नगर निगम चुनाव में नाम वापसी की प्रक्रिया के साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदलने लगी है। अब तक 6 निर्दलीय उम्मीदवार अपने नाम वापस ले चुके हैं। इसके बाद नगर निगम के 65 वार्डों में 440 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बने हुए हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया गुरुवार अपराह्न 3 बजे तक चलेगी। इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि आखिर कितने प्रत्याशी अंतिम रूप से पार्षद चुनाव लड़ेंगे।
नगर निगम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका कई वार्डों में अहम मानी जा रही है। प्रमुख राजनीतिक दल भी कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उन्हें चुनाव मैदान से हटने के लिए मनाया जा सके और अपने प्रत्याशियों की राह आसान की जा सके। वहीं कुछ वार्डों में राजनीतिक दलों की रणनीति अलग है और निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन भी दिया जा रहा है, ताकि विपक्षी प्रत्याशियों के वोटों पर असर पड़ सके।
कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। ऐसे वार्डों में चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बनी हुई है। भाजपा और कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद नाराज होकर चुनाव मैदान में उतरे कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों को मनाने के प्रयास भी जारी हैं।
बुधवार को वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय कृष्ण कुमार बैरवा, वार्ड 20 से शिवांगी मिश्रा, वार्ड 27 से मधु आर्य, वार्ड 30 से ललित कुमार, वार्ड 52 से ममता और वार्ड 57 से महेंद्र कुमार ने अपने नाम वापस ले लिए। गुरुवार को भी कुछ अन्य उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पहले नगर निगम चुनाव में 132 नामांकन पत्र निरस्त हो चुके हैं। अब नाम वापसी की अंतिम समय सीमा पूरी होने के बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार होगी। शुक्रवार को चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सभी प्रत्याशियों का प्रचार अभियान पूरी तरह गति पकड़ने की उम्मीद है।
अलवर नगर निगम के अलावा अन्य निकायों में भी कई प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान से हटने का फैसला किया है। खेरली में 9, रामगढ़ में 5 और कठूमर में 2 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए हैं। थानागाजी में भी एक प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया है।
खेरली के वार्ड नंबर 17 में दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध पार्षद चुना जाना तय माना जा रहा है। वहीं कठूमर में नाम वापसी के बाद अब 96 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। रामगढ़ में अब 286 प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।