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Rajasthan: साइबर ठगी से बचाव के लिए राजस्थान में चलेगा बड़ा जागरूकता अभियान

राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए पुलिस अब लोगों को बचाव के तरीके सिखाएगी। ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के तहत डिजिटल अरेस्ट, निवेश घोटाले और अन्य साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया जाएगा।
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साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान पुलिस ने आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर प्रदेश में ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं और अन्य साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए जाएंगे।

कार्यक्रमों की होगी विशेष निगरानी

अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधियों के नए तरीकों की जानकारी देना और समय रहते ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। खासतौर पर पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगों के नए तरीकों से सतर्क रहने की जानकारी दी जाएगी।

अभियान की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर आर-4-सी के स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वहीं प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो जिले में आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे।

स्कूल-कॉलेजों में होंगे व्याख्यान और प्रतियोगिताएं

जागरूकता अभियान के तहत अलवर सहित अन्य सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा से जुड़े व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी, सेमिनार और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचने के आसान तरीके बताए जाएंगे।

इसके साथ ही छात्र मानव श्रृंखला बनाकर साइबर सुरक्षा का संदेश भी देंगे। अभियान में साइबर स्वयंसेवकों के अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना यानी एनएसएस और राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी के कैडेट्स को भी जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

बाजारों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचेगा संदेश

साइबर सुरक्षा का संदेश केवल शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे और मेट्रो स्टेशन के साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, जागरूकता स्टॉल और श्रव्य-दृश्य संदेशों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। मैराथन और साइकिल रैलियों के जरिए भी आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।


अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पंचायती राज विभाग और डाक विभाग की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं सोशल मीडिया से जुड़े प्रभावशाली लोगों, एफएम रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा हॉल के माध्यम से हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

पुलिस का उद्देश्य है कि प्रदेश के अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधियों की चाल को समझें और ऑनलाइन ठगी या डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सतर्क रहकर खुद को सुरक्षित रख सकें।