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Alwar: अलवर में शुरू हुई ई-बस सेवा: 9 रूटों पर चलेंगी 50 बसें, ₹10 से ₹65 तक किराया

अलवर शहरवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ी सौगात आई है। केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत अलवर को कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। पहले चरण में 5 बसें शहर पहुंच चुकी हैं, जिन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया गया है। इन आधुनिक बसों से सफर सुगम और प्रदूषण मुक्त बनेगा।
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Aug 19, 2026
alwar new electric bus
अलवर को 5 बसें मिल चुकी हैं (फोटो - पत्रिका)

अलवर शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए पांच ई-बसों का संचालन शुरू किया गया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जयपुर स्थित ओटीएस से वर्चुअल माध्यम से ई-बसों का शुभारंभ किया। इसके बाद अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम के बाहर भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, क्रय-विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष संजय नरूका और निवर्तमान महापौर घनश्याम गुर्जर ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ई-बसों के संचालन से शहरवासियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।

शुरुआती चरण में 2 रूट, 10 से 65 रुपए किराया

अलवर शहर में शुरू हुई ई-बस सेवा के तहत शुरुआती चरण में पांच बसों का संचालन दो प्रमुख रूट पर किया जा रहा है। योजना के अनुसार शहर में कुल नौ रूट निर्धारित किए गए हैं। इन पर चरणबद्ध तरीके से सभी 50 ई-बसें संचालित की जाएंगी। पहले रूट में बगड़ तिराहा से स्टेशन रोड होते हुए डेहरा शाहपुरा तक बस चलेगी।

वहीं दूसरे रूट में हनुमान सर्किल से हल्दीना स्थित मत्स्य यूनिवर्सिटी तक ई-बस का संचालन होगा। यात्रियों के लिए किराया 10 रुपए से 65 रुपए तक निर्धारित किया गया है। यात्रियों की जेब को ध्यान में रखते हुए किराया 10 रुपए से लेकर 65 रुपए तक निर्धारित किया गया है, जिसके बाद प्रति किलोमीटर की दर से किराया तय होगा।


मत्स्य यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिली बड़ी राहत

इन बसों के शुरू होने से सबसे ज्यादा खुशी राजऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में है। शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर हल्दीना स्थित यूनिवर्सिटी आने-जाने के लिए विद्यार्थियों को लंबे समय से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नियमित साधनों के अभाव में ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते थे या जाने से ही मना कर देते थे।

छात्रों की इस गंभीर समस्या पर स्थानीय स्तर पर आवाज उठाई गई और लगातार खबरें सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिला कलेक्टर और नगर निगम को पत्र लिखा। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर नगर निगम ने तुरंत ई-बस के रूट में यूनिवर्सिटी को शामिल किया। बुधवार से मंडी मोड़ और हनुमान सर्किल से विश्वविद्यालय तक नियमित बसें चलेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं बसें

ये बसें वातानुकूलित (AC) और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। नगर निगम के अनुसार, शेष बची 45 बसें भी जल्द ही अलग-अलग चरणों में अलवर पहुंचेंगी, जिससे शहर के सभी 9 रूटों पर एक मजबूत और किफायती पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार हो सकेगा।

राजस्थान पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

राजस्थान पत्रिका ने इस मुद्दे को उठाया था। लगातार कई खबरें चलाकर बताया गया कि किस तरह शहर से 18 किमी दूर मत्स्य विवि जाने के लिए बच्चों के पास कोई साधन नहीं हैं। बसें नहीं जाती, ऑटो रिक्शा वाले जाने को तैयार नहीं होते। इन खबरों के प्रकाशन के बाद मत्स्य विवि प्रशासन ने जिला कलक्टर व नगर निगम को पत्र लिखा। कलक्टर के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम ने ई-बसों के रूट में मत्स्य विवि को भी शामिल किया। अब बुधवार से बसों का संचालन शुरू हो गया है।

Updated on:
19 Aug 2026 12:00 pm
Published on:
19 Aug 2026 12:00 pm