अलवर के सदर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और बिना सहमति दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है।
अलवर के सदर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और बिना सहमति दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में विवाहिता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि उसका निकाह 9 जुलाई 2017 को खारेड़ा, तहसील मालाखेड़ा निवासी एक युवक के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। विवाह का प्रमाण सिरमोली मस्जिद के मौलवी द्वारा जारी निकाहनामा है, जिस पर पति व गवाहों के हस्ताक्षर हैं। पीड़िता का आरोप है कि विवाह के दिन से ही ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी थी। शादी के समय ही फ्रिज की मांग की गई। बाद में वर्ष 2022 में वॉशिंग मशीन और नकद राशि की मांग की गई, जिस पर जुलाई, 2022 में एलजी कंपनी की वॉशिंग मशीन तथा 1100 रुपए नकद दिए गए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि उसके पति के सेना में नौकरी लगने से पूर्व उसके मेहर व सोने-चांदी के गहने बेचकर तथा उधार लेकर पांच लाख रुपए कथित रूप से रिश्वत के रूप में भजीट निवासी एक व्यक्ति को दिए गए। आरोप है कि पति ने सेना में भर्ती के दौरान स्वयं को अविवाहित बताते हुए शपथ पत्र दिया, जबकि वह पहले से विवाहित था। वहीं, नौकरी लगने के बाद पति का व्यवहार बदल गया। वह न तो संपर्क करता था और न ही छुट्टी में साथ रखता था। इस दौरान पति के अन्य महिलाओं से अवैध संबंध होने का भी आरोप लगाया गया है तथा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल जांच की मांग की गई है।
ससुरल पक्ष पर लगाए प्रताड़ित करने के आरोप
पीड़िता के अनुसार सास-ससुर और देवर का व्यवहार भी समय के साथ प्रताड़नापूर्ण हो गया। खाने-पीने पर पाबंदी, बीमारी में उपचार नहीं करवाना तथा व्यक्तिगत खर्च के लिए पैसे न देना जैसी बातें रिपोर्ट में दर्ज हैं। उसने मजदूरी कर अपना खर्च चलाने की बात कही है। कुछ माह पूर्व बीमार होने पर वह ससुराल की अनुमति से अपने पीहर आ गई, जहां इलाज कराया। आरोप है कि पांच-छह माह से उसे लेने कोई नहीं आया। इस बीच ससुराल पक्ष द्वारा रिश्ता तोड़ने का दबाव बनाया गया। रिपोर्ट में यह भी आरोप है कि दिसंबर माह में पति ने छुट्टी के दौरान दूसरी शादी की योजना बनाई और बाद में दूसरा विवाह कर लिया। विवाह में ससुराल पक्ष के कई लोग शामिल बताए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि इस संबंध में न तो उसे सूचना दी गई और न ही उसकी सहमति ली गई। इस सबंध में उसने पूर्व में एसपी और कलक्टर कार्यालय में भी शिकायत दे चुकी है।