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अलवर. जिले के हर गांव और वाशिंदे की ‘कुण्डली’ तैयार करने के लिए शनिवार को समस्त थानाधिकारी अपने क्षेत्र के एक-एक गांव और वार्ड में पहुंचे। वहां लोगों के बीच बैठकर उनका डेटाबेस तैयार किया। इसके बाद पहले दिन की कार्रवाई को जिला मुख्यालय पर पुलिस कंट्रोल रूम को भेजा गया।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह के आदेश पर जिले में जनसहभागिता अभियान की शुरुआत की गई है जिसके तहत शनिवार को पहले दिन जिले के सभी थानाधिकारियों ने अपने-अपने इलाके के एक-एक गांव और वार्ड में पहुंचकर लोगों के बीच बैठकर चर्चा की गई। इस दौरान थानाधिकारी अपने साथ समन वारंट, बीट बुक, रोजनामचा रजिस्टर, डोर-टू-डोर रजिस्टर, अपराध रजिस्टर व हथियार रजिस्टर आदि लेकर पहुंचे। वहां लोगों ने उनका डेटाबेस तैयार करने के लिए सम्बन्धित जानकारी जुटाई।
साथ ही यह पता लगाया कि क्षेत्र में कौन-कौन व्यक्ति किस प्रवृत्ति का है। कौन सरकारी नौकरी में है। किसके पास कैसा मकान और वाहन है। संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया। साथ ही लोगों के मोबाइल नम्बर भी जुटाए। इससे पूर्व रात्रि को सम्बन्धित इलाकों के बीट कांस्टेबलों ने क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर लोगों को जनसहभागिता कार्यक्रम की जानकारी दी।
शहर में इन वार्डों में पहुंचे अधिकारी
शहर कोतवाली थाने से कार्यवाहक थानाधिकारी बनवारीलाल वार्ड नम्बर-तीन में पहुंचे। वहां उन्होंने अस्सी क्वार्टर क्षेत्र में लोगों के साथ जनसहभागिता अभियान की शुरुआत की। शिवाजी पार्क थानाधिकारी ने वार्ड नम्बर-एक, एनईबी थानाधिकारी ने बेलाका, अरावली विहार थानाधिकारी ने वार्ड नम्बर-24, एमआईए थानाधिकारी ने साहडोली, सदर थानाधिकारी ने उमरैण के जनसहभागिता अभियान के तहत लोगों के बीच बैठकर चर्चा की। रामगढ़, नौगांवा और मालाखेड़ा थानाधिकारी ने अपने-अपने कस्बों में लोगों बैठक कर जानकारी जुटाई। इसी प्रकार सभी थानों में एक-एक गांव में जानकारी एकत्रित की गई। अभियान शुक्रवार को भी जारी रहेगा।