
अलवर जिले में सोमवार रात और मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर अजगर निकलने से लोगों में डर का माहौल बन गया। वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने दोनों जगह पहुंचकर अजगरों को सुरक्षित बाहर निकाला। रायसर रेंज के मांगूर गांव में करीब 13 फीट लंबे अजगर को रेस्क्यू कर घने जंगल में छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार, गोलाकाबास क्षेत्र में जयपुर डिवीजन की रायसर वन रेंज के दांतली वन नाके के मांगूर गांव में पाबूजी महाराज के मंदिर के पास ग्रामीणों को अजगर दिखाई दिया। मंदिर के आसपास अजगर देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इसके बाद टोल फ्री नंबर पर वन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर वन्यजीव जयपुर के डीसीएफ जगदीश गुप्ता के निर्देश पर जयपुर डिवीजन की वन्यजीव रेंज अजबगढ़ के वन अधिकारी चंद्रप्रकाश मीणा को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद अजबगढ़ वन रेंज से यादराम गुर्जर के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने दोपहर करीब सवा 12 बजे मशक्कत के बाद करीब 13 फीट लंबे अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद अजगर को आबादी क्षेत्र से दूर घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अजगर के रेस्क्यू होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की टीम का धन्यवाद किया। मौके पर रायसर रेंज की वन रक्षक सुनीता यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष मौजूद रहे।
अलवर शहर में बख्तेश्वर महादेव मंदिर के नीचे सोमवार रात करीब 10:30 बजे मंदिर में रहने वाले महेंद्र शर्मा को अजगर दिखाई दिया। उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद कुछ स्थानीय निवासी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद रेस्क्यू टीम के शिवम को फोन कर बुलाया गया।
शिवम दो साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और अजगर को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान अजगर पास की दीवार में बने एक बिल के अंदर आधा घुस गया। उसे बाहर निकालने में रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब अजगर बाहर नहीं निकला तो बिल को थोड़ा बड़ा किया गया। इसके बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला और अपने साथ ले गई। टीम ने लोगों से बरसात के दिनों में एतिहातन तौर पर सतर्क रहने की सलाह भी दी क्योंकि इन दिनों में जहरीले जानवरों का खतरा बढ़ जाता है।