अलवर

अलवर के प्रदूषण ने देश भर में चौंकाया

एनसीआर में शामिल अलवर जिला प्रदूषण के स्तर को लेकर सदैव सुर्खियों में रहता है, लेकिन सोमवार को अलवर व भिवाड़ी के एक्यूआई ने सबको चौंका दिया। आइए जानते हैं अलवर व भिवाड़ी आखिर प्रदूषण में क्यों रहता है सुर्खियों में और अब एक्यूआई कैसे आया नीचे।

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May 30, 2023
सड़क पर वाहन चलने से उड़ते धूल के कण

अलवर. प्रदेश के अन्य जिलों सहित अलवर में इन दिनों पश्चिमी विक्षोप के सक्रिय होने से जारी बारिश के दौर ने जिलावासियों को प्रदूषण की समस्या से मुक्ति दिलाई है। बारिश के चलते इन दिनों जिले में प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है। हालांकि उद्योगों के संचालन आदि में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन बारिश से धूल के कण सतह पर बैठने से प्रदूषण के स्तर में काफी गिरावट आई है। सोमवार दोपहर में अलवर का एक्यूआई 63 व भिवाड़ी का 99 दर्ज किया गया।

अलवर जिला प्रदूषण स्तर के मामले में देश में सुर्खियों में रहा है। भिवाड़ी में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां होने से यहां दीपावली बाद एक्यूआई 400 के पार पहुुचने लगता है। वहीं अलवर में प्रदूषण का स्तर 200 के पास पहुंच जाता है, लेकिन बारिश के दौरान प्रदूषण के स्तर में काफी गिरावट रहती है। इसका मुख्य कारण बारिश से धूल के कणों का सतह पर बैठ जाना है।

अलवर जिले में धूल के कण प्रदूषण का कारण


जिले में धूल के कणों का वायुमंडल में तैरना ही प्रदूषण के स्तर में वृदि्ध का बड़ा कारण है। सड़कों की जर्जर हालत के चलते जिले में धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। सड़कों से उड़ने वाली धूल से एक्यूआई बढ़ता है। बारिश के दिनों में बूंदों से मिट्टी सड़क पर चिपकी रहती है, इस कारण वाहनों के आने- जाने पर ज्यादा नहीं उड़ पाती, इसका सीधा असर प्रदूषण के स्तर पर पड़ता है और एक्यूआई में कमी आती है।

अलवर व भिवाड़ी में कम रहा एक्यूआई


सोमवार को अलवर में एक्यूआई का स्तर दोपहर में 63 व शाम को 71 रहा। वहीं भिवाड़ी में दोपहर को 99 व शाम को 112 रहा। इसी प्रकार भरतपुर का 102, बीकानेर का 65, बूंदी का 149, धौलपुर का 120, दौसा का 110, जोधपुर का 52, जयपुर का 76, झुंझनूं का 186, झालावाड़ का 74, जैसलमेर का 91, कोटा का 103, करौली का 91, सीकर का 72, टोंक का 65, उदयपुर का 90 दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली का एक्यूआई 135 तथा धारूहेड़ा का 65 दर्ज किया गया।

अलवर में गैस व अन्य प्रदषण कम


अलवर में उद्योगों में गैस व अन्य प्रदूषण की तुलना में धूल के कणों का प्रदूषण ज्यादा रहता है। इसके लिए जिले की टूटी सड़कें ज्यादा जिम्मेदार हैं। हालांकि प्रदूषण का स्तर बढ़ने का नुकसान उद्योगों को झेलना पड़ता है।

बारिश से प्रदूषण के स्तर में आई कमी


बारिश के कारण इन दिनों अलवर में प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। बारिश से धूल के कण सतह पर बैठ जाते हैं।

सोनाली चौधरी
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण मंडल अलवर

Published on:
30 May 2023 12:27 am
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