राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जिलों को नए जिला मुखिया मिल गए हैं।
राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जिलों को नए जिला मुखिया मिल गए हैं। वर्ष 2018 बैच की प्रतिभाशाली आईएएस अधिकारी अपर्णा गुप्ता अब कोटपूतली-बहरोड़ जिले की कमान संभालेंगी। इससे पहले वह बीकानेर विकास प्राधिकरण में आयुक्त के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के इतिहास में एक दिलचस्प रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। जिले के गठन को करीब साढ़े तीन साल का समय बीत चुका है और अपर्णा गुप्ता यहां तैनात होने वाली चौथी जिला कलक्टर हैं। खास बात यह है कि जिले के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक यहां नियुक्त होने वाली सभी चारों अधिकारी महिला आईएएस ही रही हैं।
राज्य सरकार ने सबसे पहले अगस्त 2023 में शुभम चौधरी को यहाँ की जिम्मेदारी सौंपी थी, जो करीब 6 माह तक पद पर रहीं। उनके बाद कल्पना अग्रवाल ने सर्वाधिक डेढ़ साल और फिर प्रियंका गोस्वामी ने करीब 9 माह तक जिले का नेतृत्व किया। वर्तमान कलक्टर प्रियंका गोस्वामी का तबादला अब जयपुर में स्टेट मिशन निदेशक (आजीविका परियोजनाएं एवं स्वयं सहायता समूह) के पद पर कर दिया गया है।
दूसरी ओर खैरथल-तिजारा जिले में भी लंबे समय से रिक्त चल रहे जिला कलक्टर के पद पर नियुक्ति कर दी गई है। वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी अतुल प्रकाश ने 1 अप्रैल को जिले के नए कलक्टर के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अतुल प्रकाश इससे पहले भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर कार्यरत थे, जिससे उन्हें इस क्षेत्र की प्रशासनिक बारीकियों का पहले से अच्छा अनुभव है।
गौरतलब है कि खैरथल-तिजारा में यह पद पिछले 4 महीनों से खाली था, जिसके चलते अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला को यहां का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। जिले के पूर्व कलक्टर किशोर कुमार का तबादला नवंबर 2025 में अचानक राजस्व मंडल अजमेर में कर दिया गया था, जो उस समय काफी चर्चा का विषय रहा था। अब पूर्णकालिक कलक्टर मिलने से जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक कामकाज में और अधिक तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों नए अधिकारियों के सामने अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था और जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की अहम चुनौती होगी।