
घायलों का इलाज जारी है (फोटो - पत्रिका)
थानागाजी (टहला) क्षेत्र के दाता खोदरी (खोहरीबा) गांव में यह दर्दनाक हादसा गुरुवार सुबह करीब 10 बजे राधेश्याम बंजारा के घर पर हुआ। रोज़ाना की तरह सुबह बंजारा परिवार के लोग घर के कच्चे कमरे और पास ही बनी झोपड़ी में मौजूद थे। परिवार की महिलाएं रसोई में खाना बनाने के लिए अंदर थी, जबकि कुछ लोग पास में ही बैठकर खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर से गैस का तेजी से रिसाव (लीक) शुरू हो गया। जैसे ही गैस जलने के लिए माचिस की तीली जलाई तो आग लग गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक गैस ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में आग पास की झोपड़ी में फैल गई।
आग लगाने की आवाज सुनकर पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घर के अंदर और बाहर बैठे मासूम बच्चे और बुजुर्ग आग की लपटों में घिर गए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। गांव वाले तुरंत मौके की तरफ दौड़े और मिट्टी-पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग में फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और टहला थाना पुलिस को भी सूचित किया गया।
इस हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत परिवार के करीब 15 लोग झुलस गए। घायलों को तुरंत टहला के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने कई लोगों को तुरंत अलवर रेफर कर दिया। घायलों को अलवर लाने वाले पूर्व पार्षद रोहिताश घांघल ने बताया कि इनमें से दो लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जो 70 फीसदी से ज्यादा झुलस चुके हैं। जिनका इलाज अलवर के निजी अस्पताल में चल रहा है।
गंभीर रूप से झुलसी 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला लाडो देवी, मंजू देवी (45), हेम सिंह (13), लक्ष्मी (13) और 6 साल के मासूम आलोक को अलवर के जिला अस्पताल (सामान्य चिकित्सालय) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की स्पेशल टीम उनकी निगरानी कर रही है। वहीं, परिवार के मुखिया राधेश्याम (40), किल्टू (18) और 9 साल के अनूप को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें लाडो देवी और राधेश्याम सबसे गंभीर रूप से घायल हैं। इस भयानक हादसे के बाद से पीड़ित बंजारा परिवार और पूरे दाता खोदरी गांव में दहशत और गम का माहौल बना हुआ है।
Published on:
21 May 2026 02:50 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
