
अस्पताल में भर्ती के दौरान की फोटो (फोटो - पत्रिका)
अलवर जिले के भिवाड़ी में सामने आई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मां की गोद में खेलने की उम्र में आठ माह की मासूम जिंदगी व मौत के बीच जूझती रही और आखिरकार हार गई। भिवाड़ी के कैप्टन चौक क्षेत्र में मां की ओर से तेजाब पिलाए जाने के बाद तीन दिन से वेंटीलेटर पर भर्ती बच्ची ने बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार घटना भिवाड़ी के कैप्टन चौक इलाके की है। बच्ची के पिता मोहित ने बताया कि सोमवार दोपहर उसकी पत्नी सुधा ने पीहर जाने की बात कही थी।
नई नौकरी होने और छुट्टी नहीं मिलने की वजह से उसने मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद मोहित की बहन का फोन आया कि बच्ची ने कोई जहरीली चीज खा ली है और उसके होंठ काले पड़ गए हैं। सूचना मिलते ही मोहित तुरंत कंपनी से घर पहुंचा। तब तक परिवार के लोग बच्ची को जिला अस्पताल लेकर जा चुके थे। वहां डॉक्टरों ने बच्ची के मुंह और अंदरूनी हिस्सों में गंभीर जलन के निशान पाए। हालत ज्यादा खराब होने पर उसे तुरंत अलवर रेफर कर दिया गया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. चारु गर्ग के अनुसार बच्ची को 18 मई की शाम गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। जांच में सामने आया कि तेजाब शरीर के अंदर तक पहुंच गया था। बच्ची की श्वास नली बुरी तरह झुलस गई थी और खाने की नली से लगातार खून बह रहा था। डॉक्टरों ने तुरंत उसे वेंटीलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया। कई यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया, लेकिन हालत लगातार नाजुक बनी रही। आखिरकार बुधवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। हर कोई यह सोचकर हैरान है कि आखिर एक मासूम बच्ची को इतनी दर्दनाक मौत कैसे मिली। मामले में बच्ची के पिता मोहित ने भिवाड़ी फेज तृतीय थाना पुलिस में अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक तनाव और गुस्से में उठाए गए खतरनाक कदमों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
Published on:
21 May 2026 12:10 pm
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