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Rajasthan : बाजार में खाद्य तेलों में अचानक आई तेजी, सरसों के भाव में आया जबरदस्त उछाल, जानें भाव

khairthal Mandi Bhav : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में आई तेजी का असर अब खैरथल कृषि उपज मंडी में भी साफ दिखाई देने लगा है। कपास के बाद अब सरसों के भाव में भी जबरदस्त उछाल आया है।
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अलवर

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kamlesh sharma

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Updated: 20 May 2026, 3:05 PM IST

khairthal Mandi mustard price

खैरथल कृषि उपज मंडी में बढ़ते भाव के बीच सरसों की बोली लगाते व्यापारी एवं मंडी में लगी सरसों की ढेरियां। फोटो पत्रिका

खैरथल (अलवर)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में आई तेजी का असर अब खैरथल कृषि उपज मंडी में भी साफ दिखाई देने लगा है। कपास के बाद अब सरसों के भाव में भी जबरदस्त उछाल आया है। पिछले करीब दस दिनों में सरसों के दाम 1200 से 1300 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं। मंडी में सरसों के भाव अब 6150 से 7500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ समय पहले यही सरसों 6000 से 6500 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही थी।

व्यापारियों के अनुसार कुछ समय पहले सरसों के भाव करीब 6600 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे थे, लेकिन बाजार में गिरावट आने से कीमतें 6150 रुपए तक पहुंच गई थीं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने और खाद्य तेल बाजार में तेजी आने से सरसों में अचानक उछाल आया और भाव सीधे 7500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए।
किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा सीजन

इस बार सरसों का सीजन किसानों के लिए काफी हद तक लाभकारी माना जा रहा है। लंबे समय बाद किसानों को सरसों के अच्छे दाम मिले हैं। हालांकि जिन किसानों ने फसल कटाई के दौरान आर्थिक जरूरतों के चलते अपनी उपज पहले ही बेच दी थी, वे अब खुद को नुकसान में महसूस कर रहे हैं।

कम आवक, मजबूत मांग से बढ़े दाम

खैरथल कृषि उपज मंडी में इन दिनों सरसों की आवक सामान्य से कम बनी हुई है, जबकि तेल मिलों और व्यापारियों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाम ऑयल, सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल की कीमतों में तेजी आने से घरेलू खाद्य तेलों की मांग भी बढ़ी है। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण कई देशों में खाद्य तेलों का उपयोग बायोडीजल उत्पादन में बढ़ा है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार और सरसों के भाव पर पड़ा है।

आगे और बढ़ सकती है महंगाई

व्यापारियों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी, आयात प्रभावित होना और पुराने स्टॉक लगभग समाप्त होने से बाजार लगातार मजबूत बना हुआ है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में सरसों के भाव 8 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं। वर्तमान स्थिति में तेजी का सबसे अधिक लाभ व्यापारियों और बड़े स्टॉकिस्टों को मिल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में आई तेजी का असर स्थानीय मंडियों में भी दिखाई दे रहा है। सरसों की आवक कम होने और मांग बढ़ने से भाव लगातार मजबूत बने हुए हैं

  • राजेश कर्दम, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति खैरथल

इस बार सरसों सीजन में लंबे समय बाद ऐतिहासिक भाव देखने को मिले हैं। अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक बाजार में बने युद्ध जैसे हालात के कारण खाद्य तेल बाजार में एकतरफा तेजी बनी हुई है। यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।

  • वरुण डाटा, व्यापारी, खैरथल।

फसल कटाई के समय आर्थिक जरूरतों के कारण अधिकांश किसानों ने सरसों कम भाव में बेच दी थी। अब बाजार में तेजी आने का फायदा व्यापारियों और स्टॉक रखने वालों को ज्यादा मिल रहा है।

  • दिनेश चौधरी, किसान।