
representative picture (patrika)
सूरज के तीखे तेवरों ने अलवर को भट्टी की तरह तपा दिया है। श्रीगंगानगर और चित्तौड़गढ़ के बाद अलवर पूरे प्रदेश में तीसरा सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहां पारा 46 डिग्री के बिल्कुल करीब यानी 45.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। सुबह सूरज उगने के साथ ही शुरू हुआ तपिश का सिलसिला देर रात तक गर्म हवाओं के रूप में जारी रहा। वहीं, रात का न्यूनतम तापमान भी 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा है।
इस रिकॉर्डतोड़ गर्मी के कारण अलवर की सड़कों पर दोपहर के समय अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात नजर आए। शहर के मुख्य बाजारों और रास्तों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग बहुत जरूरी काम से बाहर निकले भी, वे खुद को सिर से पैर तक सूती कपड़ों से ढककर, चश्मा और छाता लगाकर धूप से बचते नजर आए। तीखी धूप और लू के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों और दफ्तरों से निकलना दूभर हो गया है, जिसका सीधा असर व्यापार और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान की तरफ से आ रही बेहद गर्म और शुष्क हवाओं के कारण पारे में यह भारी उछाल आया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और ज्यादा तल्ख हो सकते हैं और तापमान के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। इस भीषण गर्मी ने लोगों की सेहत बिगाड़ना शुरू कर दिया है।
अलवर के सरकारी और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, तेज उल्टी-दस्त, चक्कर आने और लू (सनस्ट्रोक) की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की लाइनें लग गई हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने आम जनता को खास सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि बहुत जरूरी न हो, तो दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार ओआरएस, नींबू पानी या सादा पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि इस जानलेवा गर्मी से बचा जा सके।
Updated on:
20 May 2026 11:57 am
Published on:
20 May 2026 11:54 am
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