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अलवर में खेल-खेल में कार के अंदर लॉक हुईं दो मासूम बहनें, दम घुटने से दर्दनाक मौत

अलवर के खुदनपुरी (मन्नाका) इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ घर के पास बनी एक वर्कशॉप में खड़ी खराब कार के अंदर बंद हो जाने से दो सगी मासूम बहनों की दम घुटने से मौत हो गई। 4 साल पहले मां को खो चुकी इन बच्चियों की मौत से पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

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अलवर के खुदनपुरी इलाके (मन्नाका) से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर आई है, जिसे सुनकर हर माता-पिता का कलेजा कांप उठेगा। यहाँ किराए के मकान में रहने वाले रमेश सेन की दो छोटी मासूम बच्चियां खेल-खेल में मौत के मुंह में समा गईं। दोनों बहनों की पहचान 8 साल की टीना और 5 साल की लक्ष्मी के रूप में हुई है। घर के पास ही एक कार रिपेयरिंग वर्कशॉप (गैराज) है, जहाँ एक खराब हो चुकी कार खड़ी थी। खेलते-खेलते दोनों बहनें उस कार के पास पहुंच गईं और उसके अंदर बैठ गईं।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो बेहद विचलित करने वाला है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि दोनों बच्चियां बड़े आराम से लाल रंग की एक कार का दरवाजा खोलकर उसके अंदर चली जाती हैं। बच्चियों के अंदर बैठने के बाद जैसे ही कार का दरवाजा बंद होता है, तो बच्चियां कार से फिर दोबारा बाहर नहीं निकल सकी। इसके बाद बंद गाड़ी और भयंकर गर्मी के बीच बच्चियों ने दरवाजा खोलने की बहुत कोशिश की, लेकिन अंदर से गेट नहीं खुला। धीरे-धीरे कार के अंदर ऑक्सीजन खत्म हो गई और दम घुटने से दोनों की तड़प-तड़प कर जान चली गई।


घर पर ही रहती थी बच्चियां

बच्चियों के बेबस पिता रमेश सेन ने बताया कि उनके घर में सिर्फ यही दो बेटियां थीं, जो अब इस दुनिया में नहीं रहीं। रमेश के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 12:30 बजे जब मैं अपनी दुकान से घर आया, तो मुझे बच्चियां नजर नहीं आईं। मैंने आस-पास के पड़ोसियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि यहीं कहीं खेल रही होंगी। जब मैंने तलाश करते हुए पास की वर्कशॉप में खड़ी गाड़ी के अंदर झांका, तो मेरे होश उड़ गए। दोनों अंदर बेसुध पड़ी थीं। पिता तुरंत दोनों को लेकर अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि दोनों बच्चियां घर पर ही रहती थी।


मां की 4 साल पहले मौत

इस घटना ने पूरे इलाके को झंझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि महज चार साल पहले ही इन बच्चियों की मां की भी साइलेंट हार्ट अटैक आने की वजह से अचानक मौत हो गई थी। मां के जाने के बाद पिता रमेश ही कटिंग दुकान चलाकर अपनी इन दोनों लाडलियों को पाल रहे थे, लेकिन इस एक हादसे ने उनका पूरा संसार उजाड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यह हादसा हर परिवार के लिए एक बड़ा सबक है कि बच्चों को अकेला न छोड़ें।