बहरोड़ शहर और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि पर बिना अनुमति के धड़ल्ले से कट रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अब नगर परिषद प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है।
बहरोड़। शहर और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि पर बिना अनुमति के धड़ल्ले से कट रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अब नगर परिषद प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। नगर परिषद को हो रहे करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान को रोकने और शहर के नियोजित विकास के लिए परिषद ने इन अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने और भूमाफिया पर नकेल कसने का 'मास्टर प्लान' तैयार कर लिया है।
बहरोड़ नगर परिषद के अंतर्गत भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) के तहत कई गांव और शहरी क्षेत्र आते हैं। लेकिन प्रॉपर्टी डीलरों और भूमाफिया ने उन गांवों को अपना निशाना बनाया है, जो नगर परिषद क्षेत्र में तो शामिल कर लिए गए हैं, लेकिन बीडा के क्षेत्राधिकार से बाहर हैं। इन इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर, बिना भू-रूपांतरण कराए ही कृषि भूमि पर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं।
परिषद की आय बढ़ाने और इस अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए अब एक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहरी क्षेत्र में कोई भी कॉलोनी काटने से पूर्व नगर परिषद से सभी आवश्यक और वैधानिक अनुमतियां ली जाएं।
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार, जल्द ही पूरे क्षेत्र में एक व्यापक सर्वे अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत बीडा क्षेत्र से बाहर लेकिन नगर परिषद सीमा में आने वाली सभी अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया जाएगा। इन कॉलोनियों को काटने वाले की पहचान की जाएगी। चिन्हित किए गए लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
शहर में कृषि भूमि पर कट रही अवैध कॉलोनियों को चिन्हित करने के साथ ही उनका जल्द ही सर्वे करवाया जाएगा। इस दौरान जो भी अवैध कॉलोनियां पाई जाएंगी, उन्हें ध्वस्त करने का कार्य किया जाएगा।
नूर मोहम्मद, आयुक्त, नगर परिषद बहरोड़