क्षेत्र में दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। समीप के माचड़ी गांव में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई।
अकबरपुर. क्षेत्र में दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। समीप के माचड़ी गांव में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई।करीब 5 से 6 मिनट तक बेर के आकार के ओले गिरते रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम ठंडा व सुहावना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिल गई।
सतीश कुमार यादव आदि ने बताया कि कई दिनों से भीषण गर्मी का असर बना हुआ था, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी। सुबह के समय भी मौसम में बदलाव देखा गया, जहां आसपास के कई गांवों में झमाझम बारिश हुई। इनमें अकबरपुर, उमरैण, साहोडी, धर्मपुरा, धवाला, माधोगढ़ सहित अन्य गांव शामिल रहे, जहां बारिश से मौसम सुहाना हो गया।
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मालाखेड़ा क्षेत्र के हल्दीना सहित आसपास के गांवों में चने के आकार के ओले गिरे
मालाखेड़ा. कस्बे सहित आसपास के गांवों में बुधवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। क्षेत्र के गांव हल्दीना में दोपहर करीब 2:30 बजे तेज बारिश के साथ करीब 15 मिनट चने के आकार के ओले गिरे। बारिश और ओलावृष्टि से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। तेज हवा और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से क्षेत्र में मौसम पूरी तरह बदल गया और लोगों को गर्मी से राहत मिल गई।
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रुक-रुककर बारिश होने से भीषण गर्मी से लोगों को मिली राहत
राजगढ़. कस्बे तथा आसपास के क्षेत्र में बुधवार सुबह काले बादल छा गए तथा ठण्डी हवा चलने के साथ ही रुक-रुककर बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। सुबह करीब 8.30 बजे से धूप निकल आई, जिससे दिन में उमस रही। शाम को फिर बादल छा गए। इससे गर्मी से कुछ राहत मिली।
तापमान में गिरावट के साथ मौसम सुहावना, एक्यूआइ 348 पहुंचा, हवा ‘खतरनाक’ श्रेणी मेंबहरोड़. क्षेत्र में बुधवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी व उमस से राहत दी। बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंचने से चिंता बढ़ गई। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। तेज धूप के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे गर्मी का असर कुछ कम महसूस हुआ।
प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानीबारिश के बावजूद वायु प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया। बहरोड़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 348 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ और ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार 300 से ऊपर का एक्यूआइ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इस स्तर का प्रदूषण अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है, वहीं सामान्य लोगों को भी आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं।