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अवैध खनन पर कार्रवाई: 3 ट्रैक्टर और 1 जेसीबी जब्त, आरोपियों ने टीम पर किया हमला

अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बलदेवगढ़ में 3 ट्रैक्टर और 1 जेसीबी मशीन जब्त की है।

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जब्त किए गए वाहन

अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बलदेवगढ़ में 3 ट्रैक्टर और 1 जेसीबी मशीन जब्त की है। यह कार्रवाई सरिस्का बाघ परियोजना के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच) जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में की गई, जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

अवैध खनन की सूचना पर यह अभियान चलाया

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका रघुवंशी के नेतृत्व में गठित टीम ने अवैध खनन की सूचना पर यह अभियान चलाया। टीम में पुलिस विभाग के साथ वन विभाग और खनिज विभाग के अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।

जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर जब्त

कार्रवाई के दौरान टीम ने लाईम स्टोन और मार्बल खंडा से भरे दो ट्रैक्टरों को मौके पर जब्त किया। इसके अलावा वन क्षेत्र बलदेवगढ़ (ग्वाना) में बने खनन पिट पर छापा मारते हुए एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर (कंप्रेसर सहित) को भी जब्त किया गया।

मौके पर मौजूद कुछ महिला व पुरुषों ने करवाई का किया विरोध

हालांकि, इस दौरान आरोपियों ने प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए राजकार्य में बाधा उत्पन्न की। मौके पर मौजूद कुछ महिला और पुरुषों ने जब्त किए जा रहे वाहनों को छुड़ाने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। इतना ही नहीं, सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बावजूद टीम ने संयम और सतर्कता से काम लेते हुए आरोपियों के प्रयास को विफल कर दिया और सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया।

आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में टहला थाने में अभियोग संख्या 108/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पीडीपीपी एक्ट, एमएमडीआर एक्ट और वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि सरिस्का क्षेत्र जैसे संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।