अलवर उपचुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशी उतारने के बाद अब भाजपा में टिकट देने की चर्चा गरमा रही है।
अलवर. लोकसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी के नाम को लेकर पहले पत्ते खोलने के बाद अब यह चर्चा गरमा गई है कि भाजपा का टिकट किसे मिलेगा। भाजपा टिकट के लिए आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार कतार में हैं। वहीं लोगों की उत्सुकता यह भी है कि उपचुनाव में टक्कर यादव प्रत्याशियों के बीच रहेगी या फिर किसी गैर यादवी उम्मीदवार के साथ।
लोकसभा उपचुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और कांग्रेस ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। वहीं कई दिनों से चुनावी रणनीति में व्यस्त भाजपा अपने प्रत्याशी को लेकर अब तक पत्ते नहीं खोल पाई है। उपचुनाव में कांग्रेस की पहल के बाद आमजन ही नहीं बल्कि भाजपा से जुड़े लोगों में भी टिकट को उत्सुकता है। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि टिकट को लेकर सही समय पर उचित निर्णय किया जाएगा।
कहां फंसा है टिकट का पेच
भाजपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा में देरी का कारण दावेदारों के बीच पेच फंसना मान रहे हैं। राजनीति से जुड़े लोगों का मानना है कि भाजपा में टिकट के दावेदार ज्यादा होने से समस्या बढ़ी है। वहीं पार्टी के बड़े नेताओं की ओर से अपने-अपने समर्थक दावेदारों की पैरवी करने से भी टिकट का पेंच सुलझने में देरी हो रही है।
किस खाते में जाएगा टिकट
भाजपा टिकट को लेकर लोगों की उत्सुकता यह भी है कि टिकट राठ क्षेत्र में रहेगा या फिर इससे बाहर निकल पाएगा। ज्यादातर लोगोंं की संभावना है कि टिकट वितरण में कांग्रेस को मात देने के लिए भाजपा भी राठ को तरजीह दे सकती है। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि भाजपा इस बार राठ से बाहर निकल टिकट पर फैसला कर सकती है।
आलाकमान पर टिकी निगाहें
टिकट पर ऊहापोह के बीच भाजपा से जुड़े लोगों का कहना है कि उपचुनाव के लिए प्रत्याशी का फैसला आलाकमान स्तर पर किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रत्याशी को लेकर चर्चा व मंथन का दौर लगभग पूरा हो चुका है। अब पार्टी आलाकमान स्तर पर जिला स्तरीय से मशविरा कर जल्द ही टिकट की घोषणा की जाएगी।
टिकट मिला तो चुनाव लडृूंगा
अलवर. रामगढ़ से भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने एक बार फिर लोकसभा उपचुनाव के लिए ताल ठोकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यदि टिकट दिया तो वे लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। सभी जाति, समाज, वर्ग का उन्हें समर्थन प्राप्त है। यदि निष्पक्ष सर्वे हुआ तो सबसे जिताऊ प्रत्याशी के रूप में उनका नाम सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि अन्य लोगों की भांति वे कभी टिकट मांगने जयपुर-दिल्ली गाड़ी दौड़ाते नहीं गए। उनकी पहचान गोरक्षा के काम , तुलसीमां सहित धार्मिक कार्यों से है। आहूजा ने बताया कि टिकट के लिए उन्होंने पांच पत्र जयपुर व २४ पत्र दिल्ली भेजे हैं। टिकट के दावेदारों में उनका नाम बेहतर स्थिति में है। टिकट मिला तो वे जीतकर आएंगे। वे विरोधी है विद्रोही नहीं, जनता उनके साथ है।