
पंचायत समिति परिसर में जर्जर सरकारी आवास की गिरी छत
बानसूर पंचायत समिति परिसर में बने सरकारी आवासों की हालत लंबे समय से खस्ता बनी हुई है। गुरुवार की रात अचानक एक आवास की छत का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा, जिससे आसपास के लोग सहम गए। पंचायत समिति परिसर में कुल 9 से 10 सरकारी आवास हैं, जो काफी समय से खाली पड़े हैं और जिन्हें प्रशासन की ओर से पहले ही पूरी तरह से कंडम और अनुपयोगी घोषित किया जा चुका है। हैरानी की बात यह है कि जिस आवास की छत गिरी है, उसके ठीक पास ही एक अन्य सरकारी आवास में वर्तमान में एक कर्मचारी रह रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर यह हादसा दिन के समय होता, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
सिर्फ पंचायत समिति ही नहीं, बल्कि बानसूर कस्बे की कई अन्य सरकारी बिल्डिंग्स भी अब बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी हैं। कस्बे में ऐसे कई पुराने भवन मौजूद हैं जो अब किसी काम के नहीं रहे और वहां सालों से ताले लटके हुए हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति उस पुराने भवन की है जहां वर्तमान में तहसील कार्यालय संचालित हो रहा है, क्योंकि यह बिल्डिंग भी पूरी तरह से अनुपयोगी और जर्जर हो चुकी है।
बारिश का सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे में इन कमजोर ढांचों के अचानक गिरने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
मामले पर पंचायत समिति के कार्यवाहक विकास अधिकारी प्रदीप वीरमानी ने बताया कि परिसर के लगभग सभी सरकारी आवास पहले ही जर्जर घोषित किए जा चुके हैं। उनके अनुसार, केवल एक ही आवास वर्तमान में सही स्थिति में है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से किसी भी कर्मचारी को इन जर्जर आवासों में रहने की अनुमति नहीं दी गई है और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वहां कोई भी निवास नहीं कर रहा है।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इन जर्जर आवासों का जल्द से जल्द सर्वे कराकर या तो इनकी मरम्मत कराई जाए या इन्हें पूरी तरह गिराकर नए आवासों का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में किसी की जान को खतरा न हो।
Updated on:
08 May 2026 01:52 pm
Published on:
08 May 2026 01:51 pm
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