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Alwar News: सरिस्का में आ रहे गांव के लोगों को जयपुर-दौसा बसाने की तैयारी, राजस्व विभाग से मांगी जमीन

Sariska Tiger Reserve: बाघों के स्वच्छंद विचरण के लिए सरिस्का टाइगर रिजर्व में आ रहे गांव के लोगों को अब दूसरे जिलों में भी विस्थापित किया जाएगा। सरिस्का के 80 से अधिक परिवारों ने जयपुर व दौसा में बसने की इच्छा जाहिर की है।

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अलवर

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Anil Prajapat

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सुशील कुमार

May 08, 2026

Sariska Tiger Reserve

Photo: AI-generated

अलवर। बाघों के स्वच्छंद विचरण के लिए सरिस्का टाइगर रिजर्व में आ रहे गांव के लोगों को अब दूसरे जिलों में भी विस्थापित किया जाएगा। सरिस्का के 80 से अधिक परिवारों ने जयपुर व दौसा में बसने की इच्छा जाहिर की है। इसे लेकर सरिस्का विस्थापन प्रशासन ने राजस्व विभाग जयपुर को पत्र लिखकर जमीन मांगी है।

इसी तरह अन्य 11 गांवों के लोगों को भी अलग-अलग जगह विस्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। सरिस्का में 29 गांव है, जिसमें भगानी, रोट क्याला, उमरी, बाबली, पानी ढाल के ग्रामीणों को पूरी तरह विस्थापित कर दिया गया, जिससे 200 हेक्टेयर एरिया खाली हो गया।

500 परिवार अपने मुताबिक मांग रहे जमीन

उसके बाद 11 गांवों को विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें क्रास्का, हरिपुरा, सुकोला, देवरी, कांकवाड़ी, नाथूसर गांव शामिल है। इन गांवों की आधी आबादी दूसरी जगह शिफ्ट कर दी गई, लेकिन करीब 500 परिवार अपने मुताबिक जमीन मांग रहे है। कांकवाड़ी गांव के 80 परिवारों ने जयपुर जिले में जमीन मांगी है। यह भी कहा है कि जयपुर में जमीन नहीं मिल रही, तो उन्हें दौसा में शिफ्ट कर दें।

हरिपुरा, डेरा गांव विस्थापन के लिए तैयार, जमीन चाहिए

देवरी गांव के विस्थापन के लिए लक्ष्मणगढ़ में जमीन देखी गई, लेकिन वह फॉरेस्ट लैंड है। यहां 125 परिवार है। इसी तरह हरिपुरा गांव के लोग भी तिजारा की बजाय थानागाजी में जमीन चाहते है। यहां 40 परिवार हैं। ऐसे में राजस्व विभाग से जमीन मांगी गई है। डेरा गांव के लोग तिजारा जाने के लिए राजी है। इसकी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। गौरतलब है कि इन 6 गांवों के लोग विस्थापित होते ही करीब 450 वर्ग किमी एरिया खाली हो जाएगा, जो नए बाघों की टेरेटरी बनेगा।

इनका कहना है

कांकवाड़ी गांव के 80 परिवारों ने जयपुर, दौसा में जमीन मुहैया कराने की मांग की है। हमने राजस्व विभाग को पत्र लिख दिया है। देवरी गांव की जमीन का मसला जल्द हल होगा। बाकी जगहों पर भी जमीन की तलाश की जा रही है।
-जगदीश दहिया, डीएफओ विस्थापन सरिस्का