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करंट के खौफ में अटका करोड़ों का पुल: ऊपर से गुजर रही मौत की लाइन, अधूरा रह गया काम 

अलवर के नटनी का बारा में रूपारेल नदी पर बन रहा पुल प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। करीब 8 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस पुल का काम अब हाईटेंशन लाइन के कारण अटक गया है। ऊपर से गुजरती 220 केवी की बिजली लाइन से करंट का इतना खतरा है कि मजदूरों ने काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।

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Urvashi Rautela On Nandamuri Balakrishna

निर्माणाधीन पुल (फोटो - पत्रिका)

अलवर के मालाखेड़ा रोड से देवनारायण मंदिर को जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने बजट में इस महत्वपूर्ण पुल की घोषणा की थी। मकसद था लोगों को सुगम रास्ता देना, लेकिन अब यह पुल खुद एक समस्या बन गया है। लगभग 8 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी पुल का निर्माण अंतिम चरण में आकर रुक गया है।

हैरानी की बात यह है कि पुल का अधिकांश हिस्सा बनकर तैयार है, लेकिन आखिरी पिलर के पास के दो स्पान (गेट) अभी भी अधूरे हैं। इसका कारण है पुल के ठीक ऊपर से गुजर रही 220 केवी की हाईटेंशन लाइन। पुल की ऊंचाई और बिजली के तारों के बीच की दूरी इतनी कम है कि वहां काम करना जान जोखिम में डालने जैसा है। निर्माण के दौरान जब मजदूरों को करंट के झटके महसूस हुए, तब से काम पूरी तरह बंद पड़ा है।

डीपीआर बनाने वालों की बड़ी लापरवाही

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल इंजीनियरिंग और सर्वे पर उठ रहा है। यह हाईटेंशन लाइन वहां दशकों से मौजूद है, लेकिन जब इस पुल की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई, तब किसी भी अधिकारी या इंजीनियर ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बिना साइट का ठीक से मुआयना किए निर्माण शुरू करवा दिया गया। नतीजा यह है कि जनता का पैसा खर्च होने के बाद भी पिछले एक साल से यह पुल अधूरा खड़ा है। अगर शुरुआत में ही लाइन की ऊंचाई या पुल के डिजाइन पर विचार किया जाता, तो आज यह स्थिति नहीं होती।

बारिश के सीजन से पहले ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

पुल का काम अटकने से सबसे ज्यादा परेशान स्थानीय ग्रामीण और राहगीर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब बरसात का मौसम नजदीक है। जैसे ही रूपारेल नदी में पानी आएगा, वैसे ही पुराने रास्तों से निकलना मुश्किल हो जाएगा। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार बारिश से पहले पुल चालू हो जाएगा, लेकिन अब उम्मीदें टूटती दिख रही हैं।

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो हाईटेंशन लाइन को ऊंचा किया जाए या कोई तकनीकी समाधान निकालकर तुरंत काम पूरा कराया जाए। फिलहाल यह अधूरा पुल सरकारी सिस्टम की सुस्ती और गलत प्लानिंग का जीता-जागता नमूना बना हुआ है।

पुल निर्माण कार्य करीब एक वर्ष से बंद पड़ा है। इससे आमजन को परेशानी हो रही है और आवागमन प्रभावित हो रहा है - विक्रम पटेल

जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मिलकर पुल निर्माण पूरा कराने की मांग की है। हाईटेंशन लाइन को ऊंचा कर कार्य पूरा कराया जाना चाहिए, बरसात से पहले समाधान जरूरी है - महेश पटेल, पूर्व सरपंच