
अलवर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के निर्देशानुसार अनंत भंडारी तथा मोहन लाल सोनी के आदेश पर अलवर जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों के लिए विधिक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
सरिस्का वन अभयारण्य क्षेत्र के इंडोक एवं हरिपुरा गांवों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा “नालसा स्कीम ऑन एक्सेस टू जस्टिस फॉर विक्टिम्स ऑफ ह्यूमन वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट (WHC) 2025” के तहत विधिक जागरूकता शिविर लगाए गए।
प्राधिकरण के पीएलवी मुस्तफा खान ने ग्रामीणों को बताया कि नालसा योजना 2025 के अंतर्गत मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों को नि:शुल्क विधिक सहायता, शीघ्र मुआवजा, समयबद्ध पुनर्वास, परामर्श एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। योजना का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संतुलन और पर्यावरणीय न्याय को बढ़ावा देना है, साथ ही महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान करना है।
विधिक टीम ने सरिस्का क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया और उन्हें मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत पीएलवी, डीएलएसए अथवा वन विभाग को सूचना दें, निकटतम पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराएं, घटना की फोटो एवं वीडियो सुरक्षित रखें तथा घायल व्यक्ति या पालतू पशु का मेडिकल अवश्य कराएं। साथ ही एक-दो दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और त्वरित समाधान के लिए लोक अदालत का सहारा लेने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में उपेन्द्र शर्मा, विजय कुमार सैनी, मोनू, उमेश पारीक, विक्रम गुर्जर, राजेश कुमार, शिवकांत, सुबंधु, क्षेत्रीय वन अधिकारी मणि शंकर, अविनाश भारद्वाज, वन रक्षक कान सिंह, पदम नाथ, रामप्रताप मीणा तथा माधोगढ़ सरपंच प्रतिनिधि पैमाराम सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।
Updated on:
07 May 2026 12:31 pm
Published on:
07 May 2026 12:15 pm
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