
बहरोड़ शहर के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के पास गुरुवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद छात्रों के दो गुटों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों ओर से लाठी-डंडे और लात-घूंसे चले। बीच सड़क पर करीब आधे घंटे तक चला यह बवाल आसपास के बाजार में दहशत और अफरातफरी का कारण बन गया।
स्कूल से निकलते समय दो गुटों में मामूली कहासुनी हुई। माहौल इतना बिगड़ा कि दोनों पक्षों ने अपने बाहरी साथियों को बुला लिया। देखते ही देखते दर्जनभर से ज्यादा युवक आमने-सामने हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्रों और बाहरी युवकों ने पास की रेहड़ियों-ठेलों से लाठियां उठाईं और सड़क पर ही भिड़ गए। इस झगड़े के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई दुकानों का सामान भी बर्बाद हो गया।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। स्कूल की छुट्टी के बाद आए दिन इसी तरह की मारपीट और झगड़े होते हैं। दुकानदारों का आरोप है कि छुट्टी के समय पुलिस की गश्त नहीं होती, जिसकी वजह से छात्र और बाहरी युवक बेखौफ होकर गुंडागर्दी करते हैं।
एक दुकानदार ने बताया कि इन झगड़ों से अक्सर दुकानें नुकसान का शिकार होती हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो स्कूल प्रशासन ने सख्ती दिखाई और न ही पुलिस ने कोई ठोस कदम उठाया।
इस घटना ने एक बार फिर बहरोड़ में स्कूली छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा और अनुशासनहीनता को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से छुट्टी के समय गश्त बढ़ाने और स्कूल प्रशासन से छात्रों की काउंसलिंग करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।