
प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अलवर
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों की पालना में एनसीआर क्षेत्र में संचालित सभी डीजल चलित ऑटो रिक्शा को 31 दिसम्बर, 2026 तक बैन लग जाएगा। परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को इन ऑटो रिक्शा को सीएनजी/ईवी में बदलें या अपग्रेड करें।
अलवर आरटीओ रवीन्द्र जोशी ने बताया कि 1 जनवरी, 2027 से एनसीआर क्षेत्र में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक ईंधन से चलने वाले ऑटो रिक्शा के संचालन की ही अनुमति मिलेगी। अलवर के क्षेत्राधिकार में वर्तमान में 638 डीजल ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं। इन डीजल चलित ऑटो रिक्शा के वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर 31 दिसम्बर, 2026 से पूर्व अपने डीजल ऑटो रिक्शा को सीएनजी/ईवी में बदलने अथवा अपग्रेड करने के लिए सूचित किया जा रहा है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर कई चालकों ने ईवी क रुख कर लिया था, लेकिन आज भी कई चालक डीजल चालित ऑटो रिक्शा चला रहे हैं, इसलिए उन्हें भी जल्द ही नया वाहन खरीदना पड़ेगा या पुराने वाहन को अपग्रेड कराना होगा। वैसे लंबे समय से डीजल चालित वाहनों की संख्या में कमी आई है और ई-रिक्शा का चलन बढ़ गया है।
डीजल वाहनों पर सख्ती के चलते ईवी वाहनों की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी का क्रम जारी है। ईवी के कमर्शियल ही नहीं निजी वाहनों की संख्या में भी जबर्दस्त उछाल आया है। यही वजह है कि ईवी के दुपहिया और चोपहिया वाहनों के नए सेंटर लगातार खुल रहे हैं। कई स्थानीय कंपनियां भी सस्ती दरों पर ईवी वाहन बेच रही हैं जो मध्यम वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
दिल्ली में हर साल प्रदूषण बेकाबू हो रहा है। वहां सांस लेना भी दूभर हो चुका है। इसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग सख्ती कर रहा है। बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के संचालन पर भी रोक लगाने की तैयारी है। इसके अलावा पर्यावरण शुल्क भी बढ़ाया गया है। इसके चलते अब दिल्ली में वाहन ले जाना मुश्किल हो चुका है। अलवर भी एनसीआर में आता है, इस वजह से दिल्ली की पबंदियां यहां भी लागू रहेंगी।
Updated on:
25 Jun 2026, 6:19 PM IST
Published on:
25 Jun 2026, 6:19 PM IST
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