अलवर

बाल-विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत, बाल-विवाह मुक्त रथ को दिखाई हरी झंडी

जन जीवन कल्याण संस्थान की ओर से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से 100 दिवसीय बाल-विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में जागरूकता गतिविधियों की शुरुआत की गई।
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Feb 09, 2026
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जन जीवन कल्याण संस्थान की ओर से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से 100 दिवसीय बाल-विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में जागरूकता गतिविधियों की शुरुआत की गई। अभियान के अंतर्गत सोमवार को मिनी सचिवालय से बाल-विवाह मुक्त रथ को एडीएम बीना महावर एवं एडिशनल एसपी कामले शरण गोपीनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारी ओ. रविकांत साहिल एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।


जन जीवन कल्याण संस्थान से जुड़े लोकेश ने जानकारी दी कि यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर बाल विवाह के खिलाफ नारे लगाएगा और आमजन को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक और मानसिक नुकसान की जानकारी देगा। साथ ही लोगों को कानूनी प्रावधानों और दंड के बारे में भी अवगत कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों की सोच बदलना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान मनीषा कुमारी, पुष्पेन्द्र सहित संस्थान के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। अभियान के माध्यम से जिले को बाल-विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक ठोस पहल की गई है।

Updated on:
09 Feb 2026 03:41 pm
Published on:
09 Feb 2026 03:41 pm