11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आयुष्मान कार्ड वितरण में पिछड़ा अलवर, प्रदेश में 16वां स्थान

आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड वितरण की स्थिति अलवर जिले में अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। 21 जनवरी 2026 तक की रैंकिंग में अलवर जिला प्रदेश में 16वें स्थान पर है।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Umesh Sharma

Feb 10, 2026

demo pic

आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड वितरण की स्थिति अलवर जिले में अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। 21 जनवरी 2026 तक की रैंकिंग में अलवर जिला प्रदेश में 16वें स्थान पर है। इस अवधि तक जिले को कुल 5 लाख 95 हजार 502 आयुष्मान कार्ड प्राप्त हुए, लेकिन इनमें से महज 1 लाख 65 हजार 7 कार्ड ही लाभार्थियों तक पहुंच पाए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 4 लाख 30 हजार 495 कार्ड अब भी वितरण की प्रतीक्षा में पेंडिंग पड़े हुए हैं।

आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि आयुष्मान कार्ड वितरण में शहर और ग्रामीण इलाकों के बीच बड़ा अंतर है। अलवर शहर को 12 हजार 480 आयुष्मान कार्ड प्राप्त हुए, जिनमें से 10 हजार 113 कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 2 हजार 367 कार्ड अभी पेंडिंग हैं। यही कारण है कि अलवर शहर में वितरण प्रतिशत सबसे अधिक है। इसके उलट ग्रामीण ब्लॉकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गोविंदगढ़ ब्लॉक में 24 हजार 123 कार्ड मिलने के बावजूद सिर्फ 9 हजार 468 कार्ड वितरित हो सके हैं और 14 हजार 655 कार्ड पेंडिंग हैं। राजगढ़ ब्लॉक में 72 हजार 719 कार्ड प्राप्त हुए, लेकिन इनमें से 22 हजार 437 कार्ड ही वितरित हुए, जबकि 50 हजार 282 कार्ड अब भी लंबित हैं।

कठूमर और रामगढ़ की हालत सबसे ज्यादा खराब

थानागाजी में 57 हजार 647 कार्ड प्राप्त हुए, जिनमें से 18 हजार 190 वितरित हुए और 39 हजार 457 कार्ड पेंडिंग हैं। लक्ष्मणगढ़ में 70 हजार 932 कार्डों में से 21 हजार 120 कार्ड वितरित हो सके, जबकि 49 हजार 812 कार्ड लंबित हैं। रैणी में 68 हजार 255 कार्डों में से 18 हजार 442 वितरित हुए और 49 हजार 813 पेंडिंग हैं। इसी तरह उमरैण में 66 हजार 779 कार्डों में से 17 हजार 190 वितरित हुए और 49 हजार 589 कार्ड लंबित हैं। मालाखेड़ा में 53 हजार 601 कार्डों में से 14 हजार 215 कार्ड वितरित किए गए, जबकि 39 हजार 386 कार्ड पेंडिंग हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति कठूमर ब्लॉक की है, जहां 1 लाख 3 हजार 529 कार्ड प्राप्त हुए, लेकिन सिर्फ 22 हजार 539 कार्ड ही वितरित हो सके हैं और 80 हजार 990 कार्ड अब भी पेंडिंग पड़े हैं। वहीं रामगढ़ ब्लॉक में 65 हजार 437 कार्डों में से केवल 10 हजार 181 कार्ड वितरित हुए हैं, जबकि 55 हजार 256 कार्ड अब भी लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाए हैं।

वितरण में असमानता, योजना का लाभ अभी दूर

आयुष्मान कार्ड वितरण के प्रतिशत में भी भारी असमानता सामने आई है। अलवर शहर में सबसे अधिक 81.03 प्रतिशत कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इसके बाद गोविंदगढ़ में 39.25 प्रतिशत, थानागाजी में 31.55 प्रतिशत और राजगढ़ में 30.85 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है। लक्ष्मणगढ़ में 29.77 प्रतिशत, रैणी में 27.02 प्रतिशत, मालाखेड़ा में 26.52 प्रतिशत और उमरैण में 25.74 प्रतिशत कार्ड वितरित हुए हैं। कठूमर में यह आंकड़ा 21.77 प्रतिशत तक सिमटा हुआ है, जबकि रामगढ़ ब्लॉक में सबसे कम 15.56 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड ही वितरित हो सके हैं। लाखों की संख्या में कार्ड बनने के बावजूद उनका समय पर वितरण न हो पाना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना कठिन हो जाएगा।