अलवर

अलवर में गोतस्करों व पुलिस के बीच फिर फायरिंग, एक गोतस्कर की पहिये के नीचे दबने से मौत

अलवर में पुलिस व गोतस्करों के बीच फिर मुठभेड़ हुई है जिसमें गोतस्कर की गाड़ी के पहिये के नीचे दबने से मौत हो गई।
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Updated: 26 Feb 2018, 10:49 AM IST
cow smuggler died during firing in alwar

अलवर के रेणी थाना क्षेत्र के डेरा गांव में गौ-तस्करों की गाड़ी के नीचे आ जाने से एक गौ-तस्कर की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार बसवा थाना पुलिस गाड़ी के पीछे दबिश देते हुए आ रही थी जबकि आगे डेरा गांव में रेणी थाना पुलिस भी गश्त पर थी दोनों तरफ से घिरने के बाद गाड़ी गांव के अंदर जा फसी जिसके नीचे आ जाने से एक गौ तस्कर की मौके पर ही मौत हो गई।

बांदीकुई की ओर से एक केन्ट्रा में गोवंश को भरकर ला रहे गोतस्करों की शनिवार रात पुलिस से कई बार मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई। बाद में गांव डेरा के समीप केन्ट्रा के बम्फर पर चढकऱ पुलिस पर फायर कर भागने के प्रयास में एक गोतस्कर की खुद की ही गाड़ी के नीचे दबने से मौत हो गई। वहीं, गोतस्कर का साथी गाड़ी छोड़ भाग निकला। पुलिस ने गोतस्करों की गाड़ी से 23 गोवंश बरामद किए, जिनमें से पांच गोवंश मृत मिले। जिनका मौके पर पशुचिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं, जीवित गोवंश को किलपुरखेड़ा गांव स्थित बांके बिहारी गोशाला भिजवाया गया। उधर, एक गोतस्कर की पहिये के नीचे दबने की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और गोतस्कर के शव को पोस्टमार्टम के लिए अलवर के सामान्य चिकित्सालय भिजवाया। जहां दोपहर बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार मृतक गोतस्कर की शिनाख्त अडवर नूंह (हरियाणा) निवासी आस मोहम्मद उर्फ आसू पुत्र नजब उर्फ नजीर के रूप में हुई है।

जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर दौसा के बसवा थाना प्रभारी जहीर अब्बास को सूचना मिली कि गोवंश से भरी एक केन्ट्रा बांदीकुई से बसवा की ओर आ रही है। इस पर बसवा पुलिस ने लीलोज अण्डरपास के पास नाकाबंदी की। रात करीब एक बजे गोवंश से भरी एक लाल रंग की केन्ट्रा आती दिखी, जिसे रोकने का इशारा करने पर केन्ट्रा चालक गाड़ी को डेरा गांव की ओर भगा ले गया। इस पर बसवा पुलिस ने केन्ट्रा का पीछा किया। रास्ते में केन्ट्रा में सवार गोतस्करों ने बसवा पुलिस पर फायरिंग भी की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायर किए। बसवा पुलिस की सूचना पर रैणी थाना पुलिस गोतस्करों को घेरने के लिए डेरा गांव पहुंची। दोनों ओर से अपनी गाड़ी को घिरता देख गोतस्करों ने फिर से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और तेज गति से अपनी गाड़ी को भगाते हुए गांव के भीतर ले गए। गोतस्करों ने अपनी गाड़ी का आगे का शीशा तोड़ लिया और उनमें से एक गोतस्कर टूटे शीशे से होकर केन्ट्रा के बम्फर पर आ खड़ा हुआ और पुलिस पर फायर करने लगा।

अचानक संतुलन बिगडऩे से वह अपनी ही गाड़ी के पहिये के नीचे आ गया और दबने से उसकी मौत हो गई। वहीं, उसका साथी फायर करते हुए अंधेरे का फायदा उठा भाग निकला। गोतस्करों के गाड़ी छोड़ भाग निकलने पर जब पुलिस ने गाड़ी की जांच की, तब गाड़ी के नीचे एक गोतस्कर का शव दबा मिला। मामले में बसवा थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने रैणी थाने में मामला दर्ज कराया है।

दूसरा गोतस्कर भी टूटे शीशे से निकल हुआ फरार

पुलिस ने बताया कि गांव में घिरने एवं एक गोतस्कर के गिरने पर उसका दूसरा साथी (चालक) भी विंड स्क्रीन से शीशे से होकर बाहर निकला और पुलिस पर फायर करते हुए अंधेरे का लाभ उठा भाग निकला। जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार मृतक गोतस्कर आसू के दूसरे साथी की भी पहचान हो गई है। फरार गोतस्कर राहुल मेव हैं, जिसके खिलाफ भिवाड़ी में पुलिस पर फायरिंग सहित करीब 12-15 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार मृतक आस मोहम्मद के खिलाफ भी कई मामले दर्ज थे।

करीब दस किलोमीटर तक रिम पर चलाई केंटरा

बसवा थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने बताया कि गोतस्करों ने करीब दस किलोमीटर तक अपनी गाड़ी रिम पर दौड़ाई। लीलोज अण्डरपास के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने सडक़ पर कील के पट्टे भी रखवाए। इस दौरान कील लगने से गोतस्करों की गाड़ी के दो टायर फट गए। इसके बावजूद गोतस्कर गाड़ी को रिम पर भगा ले गए। इसके बाद पुलिस ने करीब दस किलोमीटर तक गाड़ी का पीछा किया। गोतस्करों ने डेरा गांव में घिरने पर अपनी गाड़ी को गांव के भीतर घुसा दिया। पुलिस के पीछा करने पर उन्होंने गांव के दो चक्कर लगाए। इसी बीच उनकी गाड़ी का एक और टायर पंक्चर हो गया।

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