दिल्ली नगर निगम ने वाणिज्यिक वाहनों के पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। इससे दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश महंगा हो जाएगा।
दिल्ली नगर निगम ने वाणिज्यिक वाहनों के पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। इससे दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश महंगा हो जाएगा। इसका सीधा असर अलवर पर भी पड़ेगा। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाणिज्यिक वाहन दिल्ली जाते हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स को यह पैसा चुकाने में जेब ढीली करनी पड़ेगी।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह बढ़ोतरी की गई है। उद्देश्य यही है कि शुल्क ज्यादा होने पर वाहन कम संख्या में दिल्ली आएंगे और प्रदूषण कम होगा। साथ ही, सड़कें भी ज्यादा चलेंगी व टोल नाकों पर लगने वाला जाम भी कम होगा। ये संशोधित दरें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों सहित सभी वाहनों पर समान रूप से लागू रहेंगी। गौरतलब है कि इस शुल्क का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ेगा। केवल सीएनजी वाहनों को इस शुल्क से छूट दी गई है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स अगर सीएनजी वाहन खरीदें तो ही उन्हें फायदा मिल सकता हैँ
अलवर से दूध व सब्जियों की सप्लाई
सब्जियों, फलों, दूध, अनाज जैसी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के लिए पहले दी गई छूट दी गई थी। इस नए आदेश से यह समाप्त हो गई है। इससे इन वस्तुओं के महंगे होने की आशंका है। अलवर से बड़ी संख्या में दूध और सब्जियों की दिल्ली में सप्लाई की जाती है।
30 किलोग्राम तक कार्बन उत्सर्जन
दो एक्सेल का एक डीजल वाहन 100-200 किमी चलने पर 12.6 से 30 किलोग्राम तक कार्बन (सीओ-2) का उत्सर्जन करता है। ऐसे में वाहन कम हुए तो कार्बन उत्सर्जन कम होगा और प्रदूषण कम होने से हवा शुद्ध रहेगी।
यों बढ़ाया है वाहनों पर शुल्क
वाहन श्रेणी-पुरानी दरें-नई दरें
हल्के मोटर वाहने (एलएमवी)/हल्के वाहन-1,400-2000
दो-घुरी वाले (टू एक्सएल) ट्रक-1,400-2200
तीन-एक्सल ट्रक और उससे ऊपर-2,600-4000