गुरुवार सुबह राजस्थान के कई जिलों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अलवर जिले के खैरथल, बहरोड़, किशनगढ़बास सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी धरती डगमगाई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई और इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में रहा, जो जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
गुरुवार सुबह राजस्थान के कई जिलों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अलवर जिले के खैरथल, बहरोड़, किशनगढ़बास सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी धरती डगमगाई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई और इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में रहा, जो जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
अलवर जिले के खैरथल क्षेत्र में सुबह करीब 9 बजकर 7 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए। स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके करीब 5 से 10 सेकंड तक जारी रहे, जिसके चलते कई लोग घरों से बाहर निकल आए। वहीं बहरोड़ और उसके आसपास भी सुबह 9 बजकर 4 मिनट के आसपास धरती हिलती महसूस हुई, जिसे लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।
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किशनगढ़ बास कस्बे में गायत्री मंदिर में चल रहे गुरु पूर्णिमा के पंचकुंडी यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने झटकों को महसूस किया। धीरूभाई, प्रकाश चंद सांवरिया, विनोद कुमार और गिरीश अरोड़ा ने बताया कि यज्ञ के दौरान अचानक धरती कांपने लगी। वहीं स्थानीय व्यापारी पवन अग्रवाल ने बताया कि वह अपनी दुकान पर बैठा था, तभी उसकी कुर्सी डगमगाने लगी।
हालांकि भूकंप की तीव्रता अधिक नहीं थी, इसलिए किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। फिर भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग कुछ समय के लिए घरों और दुकानों से बाहर आ गए। भूकंप का केंद्र भले ही झज्जर (हरियाणा) में था, लेकिन इसका असर एनसीआर सहित राजस्थान के सीमावर्ती जिलों तक महसूस किया गया।