
अलवर के घोडा फेर (परशुराम) सर्किल स्थित लोटस गार्डन में 'EWS विचार कार्यक्रम एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस' का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में किसी एक समाज के लोग नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के प्रबुद्ध नागरिक और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम में राजपूत युवा परिषद, ब्राह्मण महासभा, विप्र फाउंडेशन, वैश्य महासभा, पुरुषार्थी समाज और राजपूत सभा जैसे कई बड़े सामाजिक संगठनों ने एक साथ आकर EWS वर्ग के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। इस दौरान आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को हो रही परेशानियों पर सभी ने अपने-अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का मुख्य मकसद आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के युवाओं को उनका पूरा हक दिलाना था। वक्ताओं ने कहा कि आज भी EWS प्रमाणपत्र (EWS Certificate) बनवाने में युवाओं और उनके अभिभावकों को पटवारघर से लेकर तहसीलों के चक्कर काटने पड़ते हैं। नियमों की जटिलता के कारण कई पात्र युवा इस आरक्षण के लाभ से वंचित रह जाते हैं। कार्यक्रम में मांग की गई कि केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों में इस वर्ग की सहभागिता बढ़ाने के लिए 'EWS सरलीकरण' यानी नियमों को बेहद आसान और व्यावहारिक बनाया जाना बहुत जरूरी है।
इस विचार कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच से युवाओं, शिक्षाविदों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक हम संगठित होकर अपनी बात सरकार के सामने नहीं रखेंगे, तब तक बदलाव मुश्किल है। उन्होंने EWS वर्ग के सामने आ रही कानूनी और व्यावहारिक चुनौतियों पर खुलकर बात की और वहां मौजूद युवाओं के हर सवाल का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ग की जायज मांगों को सरकार के उच्च स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में EWS जन जागृति मंच के पदाधिकारियों ने आगामी रणनीति का खाका पेश किया। मंच ने कहा कि समाज के विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्थक संवाद और जनभागीदारी के जरिए ही हम अपने हक की लड़ाई जीत सकते हैं। आज के इस सफल कार्यक्रम के बाद अब इस मुहिम को पूरे संभाग और प्रदेश स्तर पर ले जाने की तैयारी है, ताकि सरकार पर नियमों को सरल करने का दबाव बनाया जा सके।