प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामलों की जयपुर स्थित विशेष अदालत ने विधायक कोष से जुडे 3.72 करोड़ रुपए की कथित अनियमितता के आरोप में गिरफ्तार पूर्व विधायक बलजीत यादव को राहत देने से इनकार कर दिया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामलों की जयपुर स्थित विशेष अदालत ने विधायक कोष से जुडे 3.72 करोड़ रुपए की कथित अनियमितता के आरोप में गिरफ्तार पूर्व विधायक बलजीत यादव को राहत देने से इनकार कर दिया। यादव की ओर से पेश प्रार्थना पत्र में गिरफ्तारी को अवैध बताया गया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत 28 फरवरी तक बढा़ दी।
प्रार्थना पत्र में कहा कि ईडी खरीदे गए सामान की गुणवत्ता पर सवाल उठा रही है। सामान खरीदा गया है, ऐसे में उसकी कुल खरीद राशि के बराबर मनी लॉन्ड्रिंग का केस कैसे हो सकता है। ईडी की ओर से दिए गए समन का जवाब भी उनकी ओर से दिया गया है, लेकिन ईडी ने उन्हें नहीं माना। इसके अलावा एसीबी में दर्ज मूल प्रकरण में हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। ऐसे में ईडी गिरफ्तार नहीं कर सकती। वहीं ईडी की ओर से अधिवक्ता अजातशत्रु मीणा ने कहा कि हाईकोर्ट ने एसीबी केस में गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, लेकिन ईडी अलग जांच एजेंसी है और मनी लॉन्ड्रिंग से जुडे अपराध में जांच कर रही है।
यह था मामला
ईडी ने पिछले वर्ष 24 जनवरी को जयपुर, दौसा और बहरोड में बलजीत यादव से जुड़े करीब दस ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। तथ्यों के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट की खरीद की गई आरोप है कि खेल किट की खरीद के नाम पर विधायक कोष से करीब 3.72 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जिसमें राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। इसको लेकर एसीबी ने एफआइआर दर्ज की और उसके आधार पर ईडी ने जांच आरंभ की। इसके बाद बलजीत यादव को गिरफ्तार किया गया।