अलवर

दो कमरों में संचालित हो रहा कन्या महाविद्यालय, 3 साल से धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य

दो कमरों में संचालित हो रहा कन्या महाविद्यालय, 3 साल से धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य

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Dec 10, 2024

प्रतापगढ़. कस्बे में कन्या महाविद्यालय का धीमा निर्माण कार्य चर्चा का विषय बना हुआ है। पांच साल पहले क्षेत्र को विधायक कांतिप्रसाद मीना ने स्थानीय छात्राओं की पीड़ा को समझते हुए कन्या महाविद्यालय की सौगात ही नहीं दी, बल्कि नए भवन के लिए अच्छा बजट भी दिलाया था। ये जिम्मेदारी निर्माण कंपनी व अधिकारियों को सौंप दी, लेकिन अब तक कन्या महाविद्यालय का तीसरा सत्र प्रतापगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के दो कमरों में चल रहा है। इस समय तीनों सत्रों में 590 छात्राएं शिक्षण प्राप्त कर रही हैं। छात्राएं अपने केम्पस में विद्यालय गतिविधि या स्कूली छात्र की मौजूदगी से थोड़ा सकुंचित महसूस करती हैं।

थानागाजी विधानसभा के दो तहसील मुख्यालय प्रतापगढ़ व टहला को एक साथ सरकार से काॅलेज स्वीकृति व लगभग एक साथ ही शिलान्यास किया गया। टहला कन्या महाविद्यालय का निर्माण पूर्ण होने पर उद्घाटन हो चुका है, जबकि प्रतापगढ़ में लेटलतीफी की वजह से निर्माणाधीन भवन का कार्य पचास फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है। पूर्व में स्थानीय व क्षेत्रीय बालिकाओं को 12वीं के बाद उच्च अध्ययन के लिए थानागाजी, अचरोल, जयपुर व अलवर जाना पड़ता था। बहुत बार लड़कियों को अभिभावक भी दूर भेजने के चक्कर में पढ़ाई छुड़ा देते थे। स्थानीय छात्राओं के दुख को समझकर विधायक मीना ने अनुशंसा कर पूर्व राज्य सरकार से कन्या महाविद्यालय खुलवाया शिक्षण कार्य भी सुचारू करवाया। इस बारे में संबंधितों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो पाई।

भवन के लिए राशि जारी

कॉलेज स्वीकृति के बाद इसके भवन के लिए राशि जारी हुई, लेकिन निर्माण कार्य में विलंब होने से अब युवा संगठन व छात्राएं धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं। तीन साल से अधिक समय होने पर स्थानीय छात्राओं, युवाओं व जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों ने जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों से मांग की है कि महाविद्यालय का भवन जल्दी बनाए। अगर अब कार्य में लेटलतीफी या अनदेखी दिखी तो अग्रिम रणनीति के तहत बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

शिक्षण कार्य दो कक्षों

अभी कॉलेज की गतिविधि व शिक्षण कार्य उच्च माध्यमिक विद्यालय के दो कमरों में किया जा रहा है। तीन सत्रों में 590 छात्राएं अध्ययनरत हैं। उनके शिक्षण व कार्यालय कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर महाविद्यालय भवन तैयार हो तो बालिकाओं को खुलेपन से सुरक्षित क्षेत्र में अध्ययन सहित खेल गतिविधि का लाभ मिल सके।

दीपंकार जलुथरिया, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राजकीय कन्या महाविद्यालय,प्रतापगढ़।

Published on:
10 Dec 2024 11:03 pm
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