अलवर

गोतस्करी रोकने के लिए वसुंधरा सरकार का यह कदम हो गया फेल, नहीं लगा गोतस्करी पर लगाम

गोतस्करी रोकने के लिए वसुंधरा सरकार की ओर से उठाए गए कदम का कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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Jul 25, 2018
Goraksha posts failing to stop cow smuggling in alwar
गोतस्करी रोकने के लिए वसुंधरा सरकार का यह कदम हो गया फेल, नहीं लगा गोतस्करी पर लगाम

अलवर. गोतस्करी के लिए कुख्यात रहे अलवर में गोतस्करी रोकने के लिए सरकार ने गोरक्षा चौकियों की स्थापना की। इन चौकियों पर पुलिस बल भी लगाया गया, लेकिन सच्चाई यह है कि ये चौकियां केवल सरकार की बजट घोषणा बनकर रह गई हैं। चौकियों पर गोतस्करी रोकने से ज्यादा वसूली का नेटवर्क चलता है। अलवर में सरकार ने सबसे अधिक छह गोरक्षा चौकियां खोली। प्रारम्भ में इन पर एक एएसआई व छह कांस्टेबल का स्टाफ भी लगाया गया। बाद में चौकियों से कोई फायदा नहीं निकलने पर इन पर लगा स्टाफ धीरे-धीरे कम होता गया और यह चौकियां केवल शोपीस बनकर रह गई।

गाय रोकने के लिए पट्टा, न बंदूक

सच्चाई ये है कि गोरक्षा चौकियों पर न गोवंश से भरी गाड़ी को रोकने के लिए कीलों के पट्टे हैं और न हथियार। ज्यादातर चौकियों पर पूरा स्टाफ भी नहीं है। गोतस्करी के लिहाज से जिले के सबसे संवेदनशील क्षेत्र नौगावां के स्थापित अलावड़ा में स्थापित चौकी पर वर्तमान में एक एएसआई व तीन कांस्टेबल हैं, जबकि यहां से आए दिन गोवंश से भरी गाडिय़ां गुजरती है। हकीकत ये है कि यहां तैनात पुलिसकर्मी गोवंश से भरी गाडिय़ों को रोकने से ज्यादा वाहनों से वसूली में लगे रहते हैं। चौकी का रिकॉर्ड की यदि जांच की जाए तो पता चलेगा कि पिछले एक साल से चौकी पर तैनात सिपाहियों ने गोवंश से भरी एक भी गाड़ी नहीं पकड़ी है। ऐसी ही स्थिति जिले में स्थापित अन्य गोरक्षा चौकियों की है।

गृहमंत्री ने भी माना- होती है गोतस्करी

पुलिस भले ही गोतस्करी से इनकार करे, लेकिन यह सच है कि अलवर जिले में बड़े पैमाने पर गोतस्करी होती है। मंगलवार को अलवर आए गहमंत्री ने भी इस सच को स्वीकारा। हालांकि उन्होंने पुलिस का पक्ष लेते हुए कहा कि गोरक्षा चौकियों की स्थापना के बाद से जिले मे गोतस्करी केवल दस प्रतिशत रह गई है। जबकि दूसरी ओर पुलिस के ही कई अधिकारी दबी जुबान स्वीकारते हैं कि चौकियों की स्थापना के बाद गोतस्करों ने गोतस्करी के दूसरे रास्ते निकाल लिए हैं।

यहां बनाई गोरक्षा चौकियां

थाना गोरक्षा चौकी
सदर चिकानी
रामगढ़ अलावड़ा
मालाखेड़ा नटनी का बारा
भिवाड़ी अमलाकी
तिजारा जेरोली
गोविन्दगढ़ नसवारी

Published on:
25 Jul 2018 03:01 pm