
अलवर. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने स्वीकारा कि अलवर में अब भी गोतस्करी हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि गोरक्षा चौकियों की स्थापना के बाद गोतस्करी की घटनाएं केवल दस प्रतिशत रह गई है। गोतस्कर कच्चे-पक्के रास्तों व खेतों से होकर गोवंश को ले जाते हैं।
सुलेमान बोला- पुलिस पर कोई शक नहीं
अलवर. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने माना है कि रकबर की पुलिस कस्टडी में मौत हुई है। इससे एक दिन पहले रामगढ़ थाने के एक एएसआई को सस्पेड और तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। उधर, मृतक रकबर के पिता सुलेमान का कहना है कि उन्हें पुलिस पर कोई शक नहीं है। सर्किट हाउस में गृहमंत्री से मिलने के बाद सुलेमान बोला कि मामले में सरकार और पुलिस अभी तक ठीक काम कर रही है। गृहमंत्री ने भी बातचीत में आश्वासन दिया है कि वे न्याय करेंगे। उन्हें पुलिस पर कोई शक नहीं है। सुलेमान ने कहा कि वे गाय पालते हैं और दूध बेचकर गुजारा करते हैं। सुलेमान आरोप लगाते हुए बोला ‘मेरो छोरो नवल ने मारो है’। गोशाला में उन गायों का बदलकर दूसरी गाय ले जाई गई है।
गृहमंत्री कटारिया मंगलवार को ललवांडी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामले में रामगढ़ थाना पुलिस की लापरवाही रही। थाने के एएसआई व कांस्टेबल गायों को पहले गोशाला में जमा कराने गए, जो नहीं करना था।
कटारिया ने कहा कि रकबर की मौत पुलिस के पीटने से नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कोई यह कहे कि वे गोतस्कर थे, इसलिए मार दिया। कानून इसकी इजाजत नहीं देता। कानून हाथ में लेन वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गौतस्करी के चोर रास्ते
गोतस्कर रामगढ-लंलावडी-अलावड़ा-चौमा-शेरपुर होते हुए हरियाणा में प्रवेश करते हैं। अलावलपुर से झण्डाखेडी एवं मूनपूर करमला होते हुए हरियाणा के कोलगांव में आसानी से गोतस्करों का प्रवेश होता है। शेरपुर गांव से गोलकी के कच्चे रास्ते हरियाणा के भूड की नंगली से गोतस्करी का धंधा होता है।