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हिमालयन ग्रिफोन वल्चर को भा रहा सरिस्का, स्थानीय प्रजातियों को भी साथ मिल रहा इनका…पढ़ें यह न्यूज

पर्यटकों व वन प्रेमियों क लिए खुशखबर यह है कि सरिस्का अभयारण्य में गिद्धों की संख्या बढ़ रही है। सरिस्का जंगल में इनकी संख्या एक हजार के पार पहुंच चुकी है। स्थानीय प्रजातियों के गिद्धों के साथ ही अब हिमालयन ग्रिफोन वल्चर भी दिखाई दिए हैं।
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Apr 03, 2024
 Himalayan Griffon Vulture is liking Sariska, local species are also getting along with them...read this news
सरिस्का अभयारण्य में गिद्धों की संख्या बढ़ रही है।

थानागाजी. देश में गिद्धों की संख्या में तेजी से कम हो रही है, लेकिन सरिस्का में लुप्तप्राय हो चुके गिद्धों का कुनबा फिर बढ़ा है। सरिस्का में स्थानीय प्रजातियों के गिद्धों के साथ ही अब हिमालयन ग्रिफोन वल्चर भी दिखाई दिए है। सरिस्का में सभी प्रजातियों के गिद्धों की संख्या करीब एक हजार के पास पहुंच गई है, जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशी की खबर है।

एक समय लुप्त होने के कगार पर पहुंचे गिद्धों की यहां कई प्रजातियां पनप रही है। इसके अलावा प्रवासी हिमालयन ग्रिफोन भी दिखाई दिए है। पक्षियों पर रिसर्च कर रहे थानागाजी के मुकेश सैनी ने सोमवार व मंगलवार को टोड़ी गांव के पास व एक माह पहले किशोरी में हिमालयन ग्रिफोन व इंडियन वल्चर का झुंड देखा था। इनकी संख्या करीब 150 से 200 के बीच रही। सरिस्का फील्ड बायोलॉजिस्ट गोकुल कानन ने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक सरिस्का में अब स्थानीय प्रजाति के गिद्धों की संख्या 1000 के पार पहुंच चुकी है।


देश में 9 व प्रदेश में 7 प्रजाति के गिद्ध

देश में 9 प्रजाति के गिद्ध पाए जाते है। इनमें 7 प्रजाति राजस्थान में पाई जाती है। सरिस्का में भी इनमें से ज्यादातर प्रजातियों के गिद्धों की मौजूदगी रही है।

सरिस्का में गिद्धों की चार प्रजातियां

सरिस्का उपवन संरक्षक महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सरिस्का में गिद्धों की 4 प्रजातियां हैं। इसमें इंडियन वल्चर, इंजिप्सियन, सिनेरियर व रेड हेण्ड है। सरिस्का में सिनेरियर व रेड हेण्डेड वल्चर बहुत कम है। इंजिप्सियन लेग बैक करीब 500 से अधिक है। इंडियन वल्चर या लोंग बिल्ड वल्चर भी 400 के पार है। 4 स्थानीय प्रजातियों में गिद्ध एक हजार से भी अधिक है। इन दिनों सरिस्का में प्रवासी प्रजाति हिमालयन ग्रिफॉन वल्चर भी दिखाई दिए है। हिमालयन ग्रिफोन वल्चर गिद्ध की यह एक विशिष्ट प्रजाति है। हिमालयी गिद्ध ज़्यादातर तिब्बती पठार (भारत, नेपाल और भूटान, मध्य चीन और मंगोलिया) पर हिमालय में पाए जाते है। यह मध्य एशियाई पहाड़ों ( पश्चिम में कज़ाखस्तान और अफगानिस्तान से लेकर पूर्व में पश्चिमी चीन तथा मंगोलिया तक) में भी पाया जाता है। कभी-कभी यह उत्तरी भारत में प्रवास करता है, लेकिन इसका प्रवास आमतौर पर केवल ऊंचाई पर होता है।

Published on:
03 Apr 2024 07:10 pm