
लक्ष्मणगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया में बने मकान (फोटो - पत्रिका)
अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया में भूमाफिया की ओर से भूखंड काटने का मामला सामने आया है। बांध के डूब क्षेत्र में कब्जा करने के बाद लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका से पट्टे जारी हो गए। ऐसे करीब 16 पट्टों के दस्तावेज सामने आए हैं। बांध के 200 मीटर एरिया में कब्जा हुआ है।
किसी से एनओसी नहीं ली गई। इसका खुलासा जल संसाधन खंड जयपुर के गुण नियंत्रण एवं सतर्कता वृत्त के अधीक्षण अभियंता राधा मोहन शर्मा की जांच रिपोर्ट में हुआ है। इस मामले की शिकायत ग्रामीण जितेंद्र शर्मा व वीरेंद्र ने की थी, जिसके बाद राज्य स्तर पर जांच टीम बनाई गई थी।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि बांध के डाउनस्ट्रीम से 200 मीटर तक का क्षेत्र नो-कंस्ट्रक्शन जोन है, बावजूद इसके यहां अवैध प्लॉटिंग हो गई। इन पर मकान व दुकानें बन गई। सिंचाई विभाग ने नोटिस तक ही अपनी जिम्मेदारी समझी। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। डीएलबी स्तर से भी पट्टे निरस्त करने व भू-परिवर्तन पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन भूमाफिया मामले को दबा दिए।
लक्ष्मणगढ़ बांध एक लघु श्रेणी का बांध है, जिसकी कुल भराव क्षमता 106 एमसीएफटी (MCFT) और गेज 5.25 फीट है। पिछले 25 सालों के रिकॉर्ड को देखें तो यह बांध 11 बार (जैसे 2003 से 2006, 2007 से 2010, 2013, 2016 और हाल ही में 2024 में) पूरी तरह पानी से लबालब हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि बांध में पानी की आवक काफी अच्छी है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस बार भी बारिश में बांध में अपनी औसत क्षमता के अनुसार पानी आया, तो यह पूरा अवैध निर्माण का क्षेत्र पानी में डूब जाएगा। ऐसे में वहां रह रहे लोगों की जान-माल को बड़ा खतरा हो सकता है। फिलहाल इस गंभीर लापरवाही पर जब जल संसाधन खंड के एक्सईएन (XEN) से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
इस मामले में नगरपालिका ईओ को बुलाकर रिपोर्ट लेंगे। जल संसाधन खंड व तहसील से भी रिपोर्ट ली जाएगी। मैं खुद भी मौके पर जाकर स्थिति देखूंगा। अवैध कब्जे पर एक्शन लिया जाएगा - सुभाष चंद्र, एसडीएम, लक्ष्मणगढ़
Updated on:
10 Jul 2026 12:10 pm
Published on:
10 Jul 2026 12:10 pm
