
जिले में दो दिन से लगा डिजीटल कफ्र्यू रविवार शाम 5 बजे हट गया। परीक्षा के समाप्त होते ही बंद पड़ी इंटरनेट सेवाएं फिर से सुचारू हो गई। उधर, नकल के साये में आयोजित परीक्षा के शांतिपूर्ण सम्पन्न होने पर पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि रविवार को दूसरे दिन भी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तथा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक दो पारियों में आयोजित हुई। पहली पारी में 29 हजार 856 अभ्यर्थियों में से 26 हजार 81 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं, 3775 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 29 हजार 856 अभ्यर्थियों में से 25 हजार 918 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। 3938 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लिखित परीक्षा का परिणाम अगस्त माह में जारी होगा। सितम्बर माह में सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी।
13 हजार 952 अभ्यर्थी अनुपस्थित
जिले में दो दिन में 1 लाख 3 हजार 552 अभ्यर्थियों ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा दी। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां भी शामिल थी। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अलवर जिले में 1 लाख 17 हजार 504 अभ्यर्थियों का सेन्टर आया, जिनमें से 1 लाख 3 हजार 552 ने परीक्षा दी। 13 हजार 952 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
बसों व रेलों में दूसरे दिन भी रही भीड़
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के चलते रविवार को दूसरे दिन भी बसों व ट्रेनों में रेलमपेल रही। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के बस स्टैण्ड पहुंचने पर रोडवेज को दौसा, बानसूर, सिकन्दरा, महुवा, जयपुर व भरतपुर के लिए अतिरिक्त बसें चलानी पड़ी। अलवर आगार के ट्रैफिक मैनेजर सुनील भगवती ने बताया कि रविवार को दूसरे दिन अलवर आगार की करीब 15 व मत्स्य नगर आगार की करीब 17 अतिरिक्त बसें परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए भेजी गई। उधर, रेलों में भी परीक्षार्थियों की भीड़ रही।
ट्रेन की छत व गेटों पर परीक्षार्थियों के कब्जा जमा लेने से रविवार शाम एक परीक्षार्थी आश्रम एक्सप्रेस के नीचे आते-आते बचा। हुआ यूं कि वह भी अन्य परीक्षार्थियों की भांति ट्रेन के गेट पर लटकने लगा। इसी दौरान ट्रेन के चल पडऩे पर वह गिर गया और पटरियों की ओर लुढकऩे लगा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ के एक जवान ने उसे संभाल लिया और सकुशल बचा लिया।