ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की ओर से अभियान चलाकर चालान की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं लेकिन बहरोड़ कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में जुगाड़ से दौड़ती सैकड़ों गाडिय़ां ट्रैफिक नियमों और वाहन अधिनियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रही हैं। नए नियम लागू होने के बाद यह सभी वाहन अवैध हो चुके हैं मगर जिम्मेदार इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कस्बे सहित पुलिस थानों के सामने होकर सडकों पर पुराने स्कूटर व बाइक या फिर उसके इंजन से बनाए गए रिक्शा वाहनों की भरमार है।
बहरोड़. सडक़ों पर जुगाड़ से बने वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। न तो कोई इन्हें रोकता है और न ही चेक करता है। जुगाड़ से बने वाहनों के न तो कोई कागज हैं और न ही बीमा।
ये जुगाड़ वाहन जहां सडक़ों पर फर्राटा भर नियम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं तो वहीं दुर्घटना को भी आमंत्रण दे रहे हैं लेकिन उसके बाद भी यातायात नियमों का पालन करवाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को यह नजर तक नहीं आ रहे है।
दुघर्टनाओं का बन रहे कारण: जुगाड़ से बनाए गए वाहन सडक़ों पर बिना किसी फिटनेस के दौड़ते हैं। समय पर इनके ब्रेक भी सही तरीके से बन जाएंगे इसका कोई भरोसा नहीं हैं। सडक़ पर सरिया या दूसरा ऐसा ही सामान लेकर दौड़ते ये वाहन कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। वातावरण में जहर घोल रहे इन जुगाड़ वाहनों में 15 से 20 साल पुराने खटारा स्कूटरों, मोटर साइकिलों के इंजन लगाए जाते हैं।
करते है चोरी की बाइक का इस्तेमाल
बाइक जुगाड़ रिक्शा को लेकर अगर परिवहन विभाग व पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी जांच करे तो इनमे अधिकतर बाइक चोरी की हो सकती है।क्योंकि चोर बाइक चोरी कर उसे बाजार में बेच देते है। जबकि पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी इन जुगाड़ बाइक रिक्शा की किसी तरह की कोई जांच तक नहीं करते है और यह बगैर किसी कागजात के धड़ल्ले से सडक़ों पर दौड़ रहे है।
दिनभर भरते है फर्राटा
जुगाड़ लगाकर बनाए गए वाहन (बाइक ठेला) बेरोक-टोक गांव से लेकर शहर तक की सड$कों पर दिनभर दौड़ रहे हैं। पुरानी बाइक, स्कूटर, आटो रिक्शा व पंपसेट के इंजन व पुर्जो से तैयार वाहन कहीं भी देखे जा सकते हैं। इनका उपयोग कहीं सवारी तो कहीं माल ढुलाई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाइक रिक्शा को लेकर परिवहन विभाग किसी तरह का वर्तमान में रजिस्ट्रेशन नहीं कर रहा है। अगर बाइक को काटकर जुगाड़ बना सडक़ो पर चला रहे है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कृष्णावतार सैनी, परिवहन निरीक्षक बहरोड़