मत्स्य उत्सव 23 से 26 नवंबर तक अलवर. अलवर के स्थापना दिवस के कार्यक्रम इस बार लोगों को आकर्षित करेंगे। खासकर 25 नवंबर को सागर के पास होने वाली काइट लाइंग पहली बार उत्सव में शामिल की गई है। इसमें अलवर के अलावा जयपुर, कोटा सहित कई शहरों से पतंगबाज अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसमें बड़े […]
मत्स्य उत्सव 23 से 26 नवंबर तक
अलवर. अलवर के स्थापना दिवस के कार्यक्रम इस बार लोगों को आकर्षित करेंगे। खासकर 25 नवंबर को सागर के पास होने वाली काइट लाइंग पहली बार उत्सव में शामिल की गई है। इसमें अलवर के अलावा जयपुर, कोटा सहित कई शहरों से पतंगबाज अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसमें बड़े आकार की पतंगें उड़ाई जाएगी। इसके अलावा होपसर्कस पर होने वाला लॉवर शो भी सभी को लुभाएगा। पहली बार अलवर की प्राचीन धरोहर लाल डिग्गी में 26 नवंबर को अतुल्य अलवर इवेंट के साथ उत्सव का समापन होगा।
भर्तृहरि पैनोरमा पर प्रतियोगिताएं 24 नवंबर को: पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक टीना यादव ने बताया कि मत्स्य उत्सव 2025 का आयोजन 23 से 26 नवबर तक किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत 23 को सुबह 5.30 बजे जगन्नाथ मंदिर में आरती के साथ होगी। सुबह 7.30 बजे नेहरू गार्डन से नगर वन तक साइकिल रैली निकाली जाएगी। शाम को पुरजन विहार में क्लासिकल बेस्ड कल्चरल इवेंट होगा। दूसरे दिन 24 नवंबर को महाराजा भर्तृहरि पैनोरमा में सुबह 10 बजे से मेहंदी और रंगोली व दोपहर 12 बजे से भर्तृहरि जी की वाटिका में श्री भर्तृहरि जी कथा होगी। शाम को पुरजन विहार में लोक रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
मूसी महारानी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम 25 को: 25 नवंबर को सुबह 7 बजे पुरजन विहार में योग एवं मेडिटेशन से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। दोपहर 2 बजे सागर पर हैंडीक्राट व फूड एग्जिबिशन शुरू होगी। इसमें स्थानीय हस्तशिल्प, मिट्टी कला और पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र होंगे। शाम 4 बजे से होपसर्कस से सागर तक कल्चरल कार्निवल और पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम 7.30 बजे मूसी महारारानी की छतरी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 26 नवंबर को सुबह 11 बजे पुरजन विहार में फोटोग्राफी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। शाम 5:30 बजे लाल डिग्गी पर अतुल्य अलवर इवेंट के साथ उत्सव का समापन होगा।
©थ मंदिर में आरती के साथ होगी। सुबह 7.30 बजे नेहरू गार्डन से नगर वन तक साइकिल रैली निकाली जाएगी। शाम को पुरजन विहार में क्लासिकल बेस्ड कल्चरल इवेंट होगा। दूसरे दिन 24 नवंबर को महाराजा भर्तृहरि पैनोरमा में सुबह 10 बजे से मेहंदी और रंगोली व दोपहर 12 बजे से भर्तृहरि जी की वाटिका में श्री भर्तृहरि जी कथा होगी। शाम को पुरजन विहार में लोक रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
मूसी महारानी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम 25 को: 25 नवंबर को सुबह 7 बजे पुरजन विहार में योग एवं मेडिटेशन से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। दोपहर 2 बजे सागर पर हैंडीक्राट व फूड एग्जिबिशन शुरू होगी। इसमें स्थानीय हस्तशिल्प, मिट्टी कला और पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र होंगे। शाम 4 बजे से होपसर्कस से सागर तक कल्चरल कार्निवल और पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम 7.30 बजे मूसी महारारानी की छतरी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 26 नवंबर को सुबह 11 बजे पुरजन विहार में फोटोग्राफी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। शाम 5:30 बजे लाल डिग्गी पर अतुल्य अलवर इवेंट के साथ उत्सव का समापन होगा।