अलवर के नारायणपुर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत अजबपुरा निवासी सचिन साटोलिया ने बिना दहेज के शादी रचाई। हेल्थ ओफिसर दूल्हे ने सादगी से विवाह करते हुए दहेज के रूप में सिर्फ एक रुपया और नारियल स्वीकार किया। उनके इस फैसले की
अलवर के नारायणपुर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत अजबपुरा निवासी सचिन साटोलिया ने बिना दहेज के शादी रचाई। हेल्थ ओफिसर दूल्हे ने सादगी से विवाह करते हुए दहेज के रूप में सिर्फ एक रुपया और नारियल स्वीकार किया। उनके इस फैसले की पूरे रैगर समाज व इलाके में सराहना हो रही है।
अक्सर शादियों में दहेज और रकम को लेकर चर्चाएं होती हैं। दुल्हन पक्ष से मिलने वाले उपहार और धनराशि को समाज में प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। लेकिन दहेज प्रथा को खत्म करने का संकल्प लेते हुए दूल्हे के पिता राजेन्द्र साटोलिया माता किरण देवी ने अपने बेटे की शादी को दहेज मुक्त करने की मुहिम चलाई।
सरकारी हेल्थ ऑफिसर सचिन साटोलिया ने शादी में मिलने वाले 10 लाख रुपये और अन्य दहेज सामग्री को नहीं लिया। उनके इस निर्णय का शादी में मौजूद मेहमानों ने सराहना की। सचिन की शादी रायसर जम्मारामगढ निवासी गोपीराम खजोतिया की पुत्री रेणु से हुई है।
दूल्हे का कहना है, ‘हम खुद सक्षम हैं और दहेज जैसी कुप्रथाओं को मिटाना हमारी जिम्मेदारी है। जब शिक्षित लोग इस बदलाव की शुरुआत करेंगे, तभी समाज आगे बढ़ेगा’। शादी में मौजूद सभी लोगों ने दूल्हे के इस फैसले की सराहना की और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
यह भी पढ़ें:
17 मुकदमे पहले ही दर्ज, फिर भी कर ली मजिस्ट्रेट के घर चोरी