नए जिले भले ही बना दिए गए हों लेकिन विधानसभा चुनावों से लेकर मतगणना तक की जिम्मेदारी अलवर जिला प्रशासन की ही रहेगी।
अलवर/पत्रिका. नए जिले भले ही बना दिए गए हों लेकिन विधानसभा चुनावों से लेकर मतगणना तक की जिम्मेदारी अलवर जिला प्रशासन की ही रहेगी। सरकार की ओर से ये साफ होने के बाद जिला प्रशासन उसी हिसाब से तैयारियों में जुटा है। जिला मुख्यालय पर ही मतगणना स्थल बनाए जाएंगे।
मतदान प्रतिशत का आंकड़ा 80 के पार पहुंच सकता : इस बार चुनाव में 2690 बूथों पर करीब 27 लाख मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। इस बार प्रशासन तैयारी कर रहा है कि वोटिंग प्रतिशत 75 से ज्यादा पहुंचे। आंकड़ा 80 फीसदी भी पहुंच सकता है। ये भी माना जा रहा है कि नए जिले बनने से लोगों में उत्साह है। ऐसे में मतदाता बूथों तक पहुंचेंगे और मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी। इसके अलावा प्रशासन की ओर से किए जा रहे जागरुकता कार्यक्रमों का भी असर पड़ने की संभावना है। संकल्प पत्र भी भरवाए जा रहे हैं। बूथों पर सुविधाएं भी मतदाताओं के लिए होंगी।
80 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग घरों से कर सकते हैं मतदान: इसी तरह 80 साल से अधिक आयु के मतदाताओं को यदि बूथ तक आने में दिक्कतें होंगी तो उनसे बैलेट पेपर के जरिए मत का प्रयोग करवाया जाएगा। इसके लिए सर्वे चल रहा है। पहले इस आयु वर्ग के बीमार वृद्ध, दिव्यांग मतों का प्रयोग नहीं कर पाते थे लेकिन इस बार व्यवस्था अलग है। ऐसे में मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। जिला निर्वाचन अधिकारी पुखराज सेन का कहना है कि मतगणना स्थल जिला मुख्यालय पर ही बनाए जाएंगे। कोशिश चल रही है कि वोटिंग प्रतिशत पिछले चुनाव की अपेक्षा अच्छा रहे। इसके लिए सभी मेहनत कर रहे हैं।