
पिनान कस्बे में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राजकीय विद्यालय के सामने और सड़क किनारे बना एक पक्का मकान अचानक भरभराकर धराशायी हो गया। मकान में करीब एक दर्जन किराएदार रह रहे थे। हादसा अचानक हुआ, लेकिन गनीमत रही कि सभी किराएदार समय रहते मकान से बाहर निकल गए और किसी की जान नहीं गई। मकान गिरने के बाद उसका बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मकान अचानक तेज आवाज के साथ गिरा। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास रहने वाले लोग घबरा गए और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों को आशंका थी कि कहीं कोई व्यक्ति मलबे में दबा तो नहीं है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर राहत और बचाव का काम शुरू किया। मलबे को हटाकर अंदर किसी के फंसे होने की जानकारी जुटाई गई।
किराएदारों के सुरक्षित बाहर निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। हादसे के बाद कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मकान के अचानक गिरने से आसपास रहने वाले लोगों में भी डर पैदा हो गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना ने कस्बे में पुराने और कमजोर मकानों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मकान राजकीय विद्यालय के ठीक सामने और सड़क किनारे स्थित था। इसके बरामदे में रोजाना विद्यार्थी और उनके अभिभावक फुर्सत के समय बैठते और आराम करते थे। स्कूल के सामने होने के कारण यहां सामान्य दिनों में लोगों की आवाजाही बनी रहती है। रविवार को विद्यालय बंद होने के कारण वहां विद्यार्थियों और अभिभावकों की मौजूदगी नहीं थी। ऐसे में बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मकान किस वजह से गिरा, इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही कस्बे में सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों के आसपास बने अन्य जर्जर मकानों का भी सर्वे कराया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि समय रहते कमजोर मकानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित कराने या आवश्यक कार्रवाई करने से भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सकता है। फिलहाल पिनान में मकान गिरने की घटना के बाद लोग प्रशासन से जल्द निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं।