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Rajasthan: बांध में छात्राओं के साथ नहाने वाला प्रिंसिपल निलंबित, जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

Principal Viral Video Case: अलवर जिले के प्रतापगढ़ क्षेत्र के एक गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में आपत्तिजनक हालत में नहाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है।
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अलवर

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Anil Prajapat

Aug 23, 2026

Principal Viral Video Case

बांध में नहाते हुए व इनसेट में शिक्षा विभाग के आदेश की प्रति। फोटो: पत्रिका

अलवर। प्रतापगढ़ क्षेत्र के एक स्कूल प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश में प्रिंसिपल का यह कृत्य नैतिक आचरण और लोकसेवक के लिए निर्धारित आचरण संहिता के विरुद्ध माना गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर रहेगा। विभाग ने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।

जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक को प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट भेजने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई का पूरा प्रस्ताव तीन दिन में निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए है। मामले की जांच के लिए निदेशालय की एक टीम भी अलवर पहुंची है। शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्धारित समय में जांच रिपोर्ट और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए है। अब विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर प्रधानाचार्य के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।

बता दें कि अलवर जिले के प्रतापगढ़ क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में प्रिंसिपल कक्षा 9 से 12 तक की कुछ छात्राओं के साथ बांध के पानी में नहाते हुए नजर आ रहा है। इसे लेकर शनिवार सुबह ग्रामीण स्कूल के बाहर पहुंचे और हंगामा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।

15 अगस्त का है वीडियो

इसके बाद क्षेत्र की महिला सीबीईओ और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों से समझाइश कर उनका गुस्सा शांत कराया। ग्रामीणों की मानें तो यह कथित वीडियो 15 अगस्त का है। इसमें पुरुष प्रिंसिपल स्कूली छात्राओं के साथ बांध में नहाते हुए दिख रहा है। ग्रामीणों ने इस वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीबीईओ का कहना है कि छात्र-छात्राओं के बयान लेकर मामले की जांच की जा रही है। तथ्यात्मक रिपोर्ट ओर वारयल वीडियो जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया है। मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य पर बड़ा एक्शन लिया है।

तैराकी सिखाने के बहाने छात्राओं को बांध पर ले जाने का आरोप

प्रिंसिपल तैराकी सिखाने के बहाने छात्राओं को बांध पर ले गया। इस बांध में पूर्व में भी कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। हादसों की आशंका के चलते बीते चार साल से इस बांध पर जाने की पाबंदी है। इसके बावजूद प्रिंसिपल ने 20 बालिकाओं सहित 200 बच्चों को बिना लाइफ जैकेट दिए बांध के पानी में उतार दिया। इनमें ज्यादातर बच्चों को तैरना भी नहीं आता। इस दौरान कोई भी महिला शिक्षक इनके साथ नहीं थी। यह बांध स्कूल से करीब दो किलोमीटर दूर है। रास्ते में वन्यजीवों का भी खतरा रहता है।

प्रिंसिपल बोला- मेरी मंशा गलत नहीं, मामले को गलत तरीके से पेश किया

वहीं, आरोपी प्रिंसिपल का कहना है कि मैं भी स्थानीय निवासी हूं। बच्चियां मेरे ही गांव के बड़े-छोटे भाइयों की बेटियां हैं। स्वतंत्रता दिवस मनाने के बाद छात्रों ने बांध पर घूमने की इच्छा जताई थी। मैं खुद उनके साथ गया। दो सौ बच्चों के बीच मेरी मंशा गलत नहीं थी। बच्चे मेरे सामने वीडियो बना रहे थे। कुछ असामाजिक तत्व इस वीडियो को वायरल करके मामले को गलत तरीके से पेश कर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।