
बांध में नहाते हुए व इनसेट में शिक्षा विभाग के आदेश की प्रति। फोटो: पत्रिका
अलवर। अलवर जिले के प्रतापगढ़ क्षेत्र के एक गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में आपत्तिजनक हालत में नहाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। थानागाजी क्षेत्र के राउमावि पड़ाक छापली के प्रधानाचार्य लाल चंद मीना को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सोशल मीडिया और समाचार ऐप पर प्रधानाचार्य का आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें प्रधानाचार्य लाल चन्द मीना स्कूली की छात्राओं के साथ बांध में आपत्तिजनक स्थिति में नहाते हुए दिखाई दे रहे है। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने इसे नैतिक आचरण मानते हुए प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है। निलम्बन काल में इनका मुख्यालय निदेशालय माध्यमिक शिक्षा विभाग बीकानेर रहेगा।
बता दें कि अलवर जिले के प्रतापगढ़ क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में प्रिंसिपल कक्षा 9 से 12 तक की कुछ छात्राओं के साथ बांध के पानी में नहाते हुए नजर आ रहा है। इसे लेकर शनिवार सुबह ग्रामीण स्कूल के बाहर पहुंचे और हंगामा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।
इसके बाद क्षेत्र की महिला सीबीईओ और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों से समझाइश कर उनका गुस्सा शांत कराया। ग्रामीणों की मानें तो यह कथित वीडियो 15 अगस्त का है। इसमें पुरुष प्रिंसिपल स्कूली छात्राओं के साथ बांध में नहाते हुए दिख रहा है। ग्रामीणों ने इस वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीबीईओ का कहना है कि छात्र-छात्राओं के बयान लेकर मामले की जांच की जा रही है। तथ्यात्मक रिपोर्ट ओर वारयल वीडियो जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया है। मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य पर बड़ा एक्शन लिया है।
प्रिंसिपल तैराकी सिखाने के बहाने छात्राओं को बांध पर ले गया। इस बांध में पूर्व में भी कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। हादसों की आशंका के चलते बीते चार साल से इस बांध पर जाने की पाबंदी है। इसके बावजूद प्रिंसिपल ने 20 बालिकाओं सहित 200 बच्चों को बिना लाइफ जैकेट दिए बांध के पानी में उतार दिया। इनमें ज्यादातर बच्चों को तैरना भी नहीं आता। इस दौरान कोई भी महिला शिक्षक इनके साथ नहीं थी। यह बांध स्कूल से करीब दो किलोमीटर दूर है। रास्ते में वन्यजीवों का भी खतरा रहता है।
वहीं, आरोपी प्रिंसिपल का कहना है कि मैं भी स्थानीय निवासी हूं। बच्चियां मेरे ही गांव के बड़े-छोटे भाइयों की बेटियां हैं। स्वतंत्रता दिवस मनाने के बाद छात्रों ने बांध पर घूमने की इच्छा जताई थी। मैं खुद उनके साथ गया। दो सौ बच्चों के बीच मेरी मंशा गलत नहीं थी। बच्चे मेरे सामने वीडियो बना रहे थे। कुछ असामाजिक तत्व इस वीडियो को वायरल करके मामले को गलत तरीके से पेश कर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
Updated on:
23 Aug 2026 11:47 am
Published on:
23 Aug 2026 11:47 am
