लोकसभा उपचुनावों को लेकर हर तरफ चर्चा है, इसी बीच यहां गुस्साए लोगों ने लोकसभा उपचुनावों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
बहरोड़. पंचायत समिति क्षेत्र के महाराजावास गांव के ग्रामीणों ने सडक़ पर पानी भराव की समस्या का निदान नहीं होने की वजह से रविवार सुबह प्रदर्शन कर अलवर लोकसभा उपचुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। ग्रामीण गांव में गन्दे पानी के जमाव से भारी परेशानी का सामना कर रहे है।
ग्रामीणो ने विरोध प्रर्दशन कर चेतावनी दी कि जब तक सडक़ पर पानी भरने की समस्या का समाधान नहीं होता है तब तक ग्रामीण भविष्य में होने वाले चुनाव में वोट नहीं डालेंगे। यह समस्या सालों से चली आ रही है। जिसका ग्राम पंचायत व प्रशासन ने अभी तक कोई समाधान नहीं किया है। यह रोड नासरपुर व खोहरी सहित अन्य गांवों में निकलती है और नारनौल-बहरोड़ सडक़ मार्ग का लिंक रोड है। जिसमें एक तरफ सडक़ ऊंची होने व नाली नहीं होने की वजह से करीब सौ मीटर तक पानी भरा रहता है। इस पानी की वजह से मच्छर पनपते हैं व बीमारियां बढ़ रही है। इस रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहन व राहगीर गुजरते हैं। पैदल राहगीर कीचड़ में फिसलकर गिर जा कर चोटिल होते हैं। दुपहिया वाहनों का भी निकलना मुश्किल हो रहा है। स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों व महिलाओं को पानी से होकर निकलना पड़ता है। जिसमें गिरने की वजह से चोटिल व कपड़े खराब हो जाते हैं। इस बड़ी समस्या को देखते हुए गांव के श्यानिया मोहल्ला सहित अधिकतर ग्रामीणों ने एकजुट होकर चुनाव का बहिष्कार कर मत नहीं डालने का फैसला किया है।
गांव में करीब 1800 मतदाता हैं। श्यानिया मोहल्ले में करीब 300 मतदाता हैं। इसमें उमाशंकर, विनय कुमार, चन्द्रशेखर, सुनील कुमार, सुरेंद्र यादव, रोहिताश कुमार, दयाराम यादव, धर्मवीर, राजेश कुमार, कर्मपाल, बाला देवी, सरोज, मनी देवी, माया देवी, संतोष देवी, मीना कुमारी, सुमन कुमारी व कविता सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
करेंगे प्रयास
वैसे तो ग्राम पंचायत को समाधान करना चाहिए, लेकिन प्रशासनिक स्तर से ग्राम पंचायत को लिखकर समस्या का समाधान कराने के प्रयास किए जाएंगे।
-हनुमान सिंह, तहसीलदार, बहरोड़।