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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही अब आया एक और संकट, जनता को लगेगा जोरदार झटका

Petrol Diesel Price Hike: डीजल की बढ़ती कीमतों ने परिवहन कारोबार पर दबाव बढ़ा दिया है। ट्रक यूनियनों का कहना है कि लगातार महंगे हो रहे ईंधन के कारण माल ढुलाई दरें बढ़ाना उनकी मजबूरी है। अगले एक से दो दिन में इस पर विचार किया जाएगा। यदि किराया बढ़ा, तो भार जनता पर आएगा।

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अलवर

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Santosh Trivedi

May 16, 2026

Petrol Diesel Price Hike

Photo- Patrika

Petrol Diesel Price Hike: अलवर। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से अलवर शहर में 400 से अधिक ट्रकों के पहिए थम गए। ट्रांसपोर्टर्स व ट्रक ऑनर्स भविष्य को लेकर चिंतित नजर आए। वहीं, निजी बस संचालक भी दूरी के हिसाब से किराया बढ़ाने को लेकर मंथन कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि एक-दो दिन में बैठक करके किराया बढ़ाने पर विचार करेंगे। यदि किराया बढ़ा, तो भार यात्रियों पर आएगा।

अलवर में प्रतिदिन करीब एक हजार ट्रकों का आना-जाना रहता है। यह बाजार की मांग के मुताबिक है। करीब 2 माह पहले प्रतिदिन व्यापारी 4 से 5 ट्रक माल मंगवा रहे थे, लेकिन इन दिनों में बाजार में ग्राहकों की कमी आई है। सामान की मांग कम हो गई, जिससे व्यापारी माल मंगवाना कम कर दिया है।

इसी बीच डीजल के रेट बढ़ा दिए गए हैं। पहले से ही ट्रांसपोर्टर्स व ट्रक मालिकों के पास काम कम था। रही-सही कसर डीजल के रेट ने निकाल दी। यदि वे ढुलाई बढ़ाते हैं, तो व्यापारी सस्ते दामों वाले ट्रक ढूंढते हैं। ऐसे में ट्रक इस समय 45 प्रतिशत तक खाली खड़े हैं।

इस तरह बढ़ा किराया

काली मोरी पर बने प्राइवेट बस स्टैंड से ज्यादातर प्राइवेट बसें मालाखेड़ा व राजगढ़ के लिए चलती हैं। बस चालक विक्रम सिंह का कहना है कि किराए में दूरी के हिसाब से बढ़ोतरी करने पर विचार कर रहे हैं। यात्री पहले ही किराए को लेकर विरोध दर्ज कराते रहे हैं। इसी प्रकार मंडी मोड़ से बसों का संचालन करने वाले शेखर गुर्जर का कहना है कि डीजल की दरों में बढ़ोतरी से किराया बढ़ाना पड़गा। इसका भार यात्रियों पर ही पड़ेगा।

दैनिक उपभोग की वस्तुओं के बढ़ सकते हैं रेट

डीजल के रेट अधिक होने के कारण ट्रक यूनियन माल ढुलाई बढ़ा सकती हैं, लेकिन उन्हें डर है कि पहले ही उनके पास काम नहीं है। ट्रक खाली खड़े हैं और रेट बढ़ाए, तो व्यापारी उनका चयन नहीं करेंगे। यदि फिर भी काम मिला, तो फिर इसका असर सब्जियों से लेकर दूध, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ेगा।

अलवर शहर के व्यापारी पहले 5 से 10 ट्रक माल मंगवाते थे और यहां से जाता भी था, लेकिन अब महंगाई के चलते एक ट्रक ही बमुश्किल सामान व्यापारी मंगवा रहे हैं। ट्रांसपोर्टर्स के पास पहले से ही काम कम था और डीजल के रेट बढ़ने से और दिक्कतें खड़ी होंगी। करीब 40 से 45 फीसदी ट्रक खाली खड़े हैं। माल ढुलाई बढ़ाएंगे, तो थोड़ा जो काम बचा है, वह भी खत्म होने के आसार होंगे। व्यापारी सबसे अधिक परेशानी में हैं।

  • हरमीत सिंह मेहंदीरत्ता, अध्यक्ष, अलवर ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन

डीजल के रेट बढ़ने से दिक्कत आ गई है। बसों का किराया बढ़ाने को लेकर एक-दो दिन में बैठक करेंगे। उसी में निर्णय लिया जाएगा कि किराया बढ़ाया जाएगा या नहीं।

  • मुरारी लाल भारद्वाज, अध्यक्ष, प्राइवेट बस एवं राजस्थान लोक परिवहन सेवा यूनियन