
कार्यक्रम में सीएम वर्चुअल रूप से जुड़े
अलवर के लिए शुक्रवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और सौगातों से भरा रहा। जिले को आधुनिक और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की है। वर्चुअल माध्यम से आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक साथ जुड़कर करीब 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात जनता को समर्पित की।
इस कार्यक्रम के दौरान अलवर रेलवे स्टेशन पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा, विधायक सुखवंत सिंह सहित उत्तर पश्चिम रेलवे के जीएम अमिताभ, डीआरएम रवि जैन और जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस बड़े बजट में से अकेले अलवर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और कायाकल्प पर 111 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि अलवर रेलवे स्टेशन को अब विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
नए प्लान के मुताबिक, स्टेशन के दूसरी तरफ एक शानदार नई बिल्डिंग बनाई जाएगी, जो दिखने में बिल्कुल मौजूदा मुख्य भवन जैसी ही हेरिटेज लुक वाली होगी। लगभग 16,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैलने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों की सुविधा के लिए एक अतिरिक्त नया प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, छह फीट की चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे और बुजुर्गों व दिव्यांगों की सहूलियत के लिए स्टेशन पर 9 आधुनिक लिफ्ट भी लगाई जाएंगी। स्टेशन के बाहर जाम की स्थिति से निपटने के लिए निजी वाहनों, टैक्सियों और ऑटो के लिए अलग से पिकअप व ड्रॉप जोन विकसित होंगे और करीब 4,500 वर्ग मीटर में नई पार्किंग भी तैयार होगी।
इसी कार्यक्रम के दौरान भिवाड़ी को भी बड़ी सौगात मिली, जहां सेमीकंडक्टर उत्पाद सहित विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर के पास स्थित बांदीकुई-दौसा क्षेत्र की तरक्की के लिए केंद्रीय मंत्रियों के सामने एक बड़ा विजन रखा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बांदीकुई-दौसा क्षेत्र में एक बड़ा औद्योगिक केंद्र यानी इंडस्ट्री हब विकसित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि एनसीआर से बाहर राजस्थान में उद्योगों के लिए यह सबसे बेहतरीन और मुफीद जगह है क्योंकि यहां रेलवे और शानदार सड़कों की कनेक्टिविटी पहले से मौजूद है। सबसे खास बात यह है कि दिल्ली से महज सवा दो घंटे में यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है, जो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सबसे बड़ा फैक्टर साबित होगा।
Updated on:
15 May 2026 03:53 pm
Published on:
15 May 2026 03:53 pm
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