
रेल यात्रा के दौरान पानी, सफाई, एसी, बिजली या अन्य सुविधाओं में परेशानी होने पर यात्रियों को अब शिकायत के समाधान के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे ने रेल मदद ऐप पर दर्ज होने वाली शिकायतों को सीधे संबंधित ट्रेन और कोच में तैनात कर्मचारियों तक पहुंचाने की नई व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य शिकायतों को कंट्रोल रूम और अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर में उलझने से बचाकर मौके पर ही समस्या का समाधान करना है।
यात्रा के दौरान यात्री पानी नहीं मिलने, कोच की सफाई खराब होने, एसी या बिजली में खराबी जैसी समस्याओं को लेकर रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज करते हैं। अभी तक कई मामलों में शिकायत संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचने में समय लग जाता था। इसी देरी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था और कई बार यात्रा समाप्त होने तक समस्या का समाधान नहीं हो पाता था।
अब रेलवे बोर्ड ने इस व्यवस्था में बदलाव के लिए सभी क्षेत्रीय रेलवे को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई प्रणाली के तहत रेल मदद ऐप पर आने वाली शिकायत की जानकारी सीधे ट्रेन में तैनात संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई जाएगी। कर्मचारी को सूचना मिलते ही उसे समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
रेलवे बोर्ड का मानना है कि इससे यात्रियों की शिकायतों का निस्तारण तेज होगा और सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। पहले शिकायतें मंडल नियंत्रण कार्यालय तक पहुंचती थीं। इसके बाद वहां से संबंधित विभाग या कर्मचारी तक सूचना भेजी जाती थी। इस प्रक्रिया में समय लगने के कारण यात्रियों की नाराजगी भी बढ़ रही थी।
इस व्यवस्था की जरूरत कैग की रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों से भी महसूस की गई। रेल मदद ऐप पर यात्रियों से शिकायत के निस्तारण के बाद फीडबैक लिया जाता है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022-23 में फीडबैक देने वाले 37 प्रतिशत यात्री सेवा से असंतुष्ट थे। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंच गया।
कई यात्री शिकायत का समय पर समाधान नहीं होने पर एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रेलवे के प्रति नाराजगी जताते रहे हैं। रेलवे अब ऐसी शिकायतों को कम करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है।
नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे को डिजिटल सिस्टम में ट्रेन के हर फेरे में तैनात कर्मचारियों का विवरण अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसमें ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस कर्मी, लिनेन वितरण कर्मचारी, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल स्टाफ, टिकट परीक्षक, आरपीएफ कर्मी और आईआरसीटीसी प्रबंधक की जानकारी शामिल होगी।
रेलवे का लक्ष्य है कि रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज होते ही सही कर्मचारी तक तुरंत सूचना पहुंचे और यात्री की परेशानी का समाधान यात्रा के दौरान ही किया जा सके।