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Rajasthan News : ‘गुप्त गोदाम’ पर स्पेशल टीम का छापा, करोड़ों की दवाओं के काले कारोबार का भंडाफोड़, 3 राज्यों तक फैले तार

Inter-State Medicine Racket Busted : राजस्थान के भिवाड़ी में बिना लाइसेंस गोदाम पर ड्रग कंट्रोल विभाग की बड़ी रेड। 4 करोड़ की दवाइयां जब्त, 3 राज्यों में जांच।
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अलवर

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Nakul Devarshi

Sep 02, 2026

rajasthan bhiwadi unlicensed pharma warehouse acb drug raid

AI Generated PIC

राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी में औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिना किसी वैध लाइसेंस और प्रशासनिक अनुमति के संचालित किए जा रहे एक गोदाम पर अचानक दी गई दबिश में करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य की निर्मित दवाइयां, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई है। स्ट्रेन हेल्थकेयर नामक फर्म से जुड़े इस गोदाम में जब अधिकारियों ने प्रवेश किया तो वहां 1500 से अधिक कार्टन में भरी संदिग्ध दवाइयों का अंबार मिला। इस छापेमारी ने पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में भी खलबली मचा दी है।

'सीक्रेट टीम' ने खोला बिना लाइसेंस गोदाम का राज

भिवाड़ी के इस संदिग्ध ठिकाने को लेकर औषधि नियंत्रण आयुक्तालय मुख्यालय जयपुर को गोपनीय इनपुट मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर, अलवर और दौसा के औषधि नियंत्रण अधिकारियों की एक संयुक्त विशेष टीम बनाई गई।

टीम ने जब भिवाड़ी स्थित 'स्ट्रेन हेल्थकेयर' के गोदाम पर छापा मारा, तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। गोदाम में बिना किसी वैध लाइसेंस या आधिकारिक रिकॉर्ड के कई राज्यों की मशहूर और गंभीर बीमारियों में काम आने वाली दवाओं का भारी स्टॉक जमा करके रखा गया था, जिसे राजस्थान के खुले बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी।

एक्सपायर्ड गोलियां और नशीला माल बरामद

जांच के दौरान अधिकारियों को मौके से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड 'सिल्डेनाफिल' की गोलियां और नशीली व प्रतिबंधित दवाओं में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद हुआ है। इसमें टेपेंटाडॉल (Tapentadol), प्रेगाबालिन (Pregabalin) और कोट्रीमोक्साजोल जैसी रसायनों की बड़ी खेप शामिल है।

इसके अलावा मौके से दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, खाली बोतलें और प्रिंटेड पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई है। दवाओं की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच के लिए मौके से 9 अलग-अलग ब्रांडेड व जेनेरिक दवाओं के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।

पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से जुड़े तार

औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि भिवाड़ी के इस अवैध गोदाम से पंजाब (लालड़ू), हरियाणा (करनाल) और हिमाचल प्रदेश (बड्डी, सोलन) की पंजीकृत व गैर-पंजीकृत कंपनियों द्वारा बनाई गई दवाइयां मिली हैं। इनमें मेडिक्ब-55, एरिक्वा, चका पैन एक्स्ट्रा, लेडीनेक्स, हाइग्रा 200, पिलप्रोफॉक्सेसिन-500 और ऑक्सीपर प्लस जैसी गोलियों के 1500 से ज्यादा डिब्बे शामिल हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के औषधि प्रशासन को तुरंत आधिकारिक सूचना भेज दी गई है। राजस्थान से अधिकारियों की विशेष टीमें संबंधित राज्यों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की जांच के लिए रवाना की जा रही हैं।

सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी

चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की सेहत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। बिना लाइसेंस दवा का निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम (Drugs and Cosmetics Act) के तहत सख्त कानूनी केस दर्ज कराया जा रहा है।

यह पूरी कार्रवाई सहायक औषधि नियंत्रक अजय फाटक, सुभाष मुटनेजा, महेंद्र जोनवाल, रामकेश मीणा सहित जयपुर, अलवर, दौसा और भरतपुर के ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई है।

दवा गुणवत्ता एवं शिकायत से जुड़े आधिकारिक Portals

दवाइयों की प्रामाणिकता जांचने, लाइसेंस वेरिफिकेशन और किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकृत पोर्टल्स का अवलोकन करें:

राजस्थान स्वास्थ्य एवं औषधि नियंत्रण की जानकारी के लिए Medical, Health & Family Welfare Department Rajasthan पर विजिट करें।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के अपडेट्स के लिए Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) का अवलोकन करें।